बच्चों को दस्त होने पर निरंतर ओआरएस घोल पिलायें- सीएमएचओ।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
दस्त रोग में मृत्यु का कारण निर्जलीकरण है, दस्त होने पर निरंतर ओआरएस घोल पिलाये और चिकित्सा संस्थान पर संपर्क करें।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेशचंद मीना ने बताया कि 5 वर्ष के बच्चों का दस्त रोग से बचाने के लिए जागरूकता और बचाव गतिविधियां अपनायें, दस्त होने पर ओआरएस घोल व जिंक टेबलेट से उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि आमजन दस्त रोग से बचाव के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें और अपने 5 वर्ष के बच्चों को दस्त होने पर नियमित ओआरएस घोल व 14 दिनों तक जिंक टेबलेट दी जायें।

दस्त रोग में निदान खुराक।
उन्होंने बताया कि बच्चों की दस्त रोग में मृत्यु का कारण निर्जलीकरण है, दस्त होने पर निरंतर ओआरएस घोल पिलाये और आयु अनुसार 14 दिनो तक जिंक टेबलेट दी जाये। उन्होंने बताया कि दस्त होने पर 2 माह तक के बच्चों की जिंक की टेबलेट नहीं दी जानी चाहिए, 2 -6 माह के बच्चों 10 एमजी की एक गोली प्रतिदिन एवं 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को 20 एमजी की जिंक टेबलेट दिन में एक बार दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया 20 एमजी की टेबलेट उपलब्ध नहीं होने पर 10-10 एमजी की दो टेबलेट एक साथ दी जा सकती है।

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