राजस्थान में ग्राम पंचायत स्तर पर बनेंगे मिनी सचिवालय, सीएस ने अधिकारियों को दिये निर्देश।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान की मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा वर्ष 2022-23 की अनुपालना में ग्राम पंचायत स्तर पर बनने वाले ‘पंचायत मिनी सचिवालय’ के काम को चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 11 हजार 304 ग्राम पंचायतों में से 4 हजार 983 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां राजीव गांधी सेवा केन्द्र, किसान सेवा केन्द्र और पटवार घर एक ही परिसर में संचालित हैं, इन्हें मिनी सचिवालय के रूप में परिवर्तित किया जाए और प्रत्येक सोमवार और गुरूवार को ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कार्मिक परिसर में आवश्यक रूप से उपस्थित हो। शर्मा मंगलवार को यहां शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा इस संबंध में आयोजित विभिन्न विभागों के प्रमुख शासन सचिवों और शासन सचिवों की बैठक की अध्यक्षता कर रहीं थीं। मुख्य सचिव ने कहा कि एक ही परिसर में स्थित पंचायत मिनी सचिवालय में ग्रामीणों व किसानों को सारी सुविधाएं और सेवाएं आसानी से एक साथ एक ही जगह मिल सकेंगी। उन्होंने इस परिसर को तत्काल कार्यशील बनाने के निर्देश दिए। शर्मा ने पूरे प्रदेश में इन मिनी सचिवालयों की एक जैसी कलर कोडिंग और ब्रांडिंग करने की भी स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि इन सचिवालयों में विभिन्न योजनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया जाए और पंचायत का नाम, सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक के नाम और मोबाइल नंबर को भी प्रदर्शित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2014 व वर्ष 2019 में नवसृजित 2068 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन निर्माण के काम में गति लाएं। उन्होेंने नए भवनों को मिनी सचिवालय की तर्ज पर ही बनाए जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर पंचायती राज शासन सचिव नवीन जैन ने पंचायत मिनी सचिवालय भवनों की क्रियान्विती प्रकिया और विभिन्न विभागों के समन्वय और सहभागिता से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की प्रमुख शासन सचिव अपर्णा अरोड़ा, राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार, कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कांत पाठक, पंचायती राज निदेशक ओमप्रकाश कसेरा एवं जलग्रहण विकास व भू-संरक्षण विभाग के निदेशक आशीष गुप्ता भी उपस्थित थे।

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