राजधानी जयपुर की 35 कॉलोनियों तक पहुंचेगा बीसलपुर का मीठा पानीपाइप लाइन बिछाने एवं अन्य कार्यों पर खर्च होंगे 29 करोड़ रूपए।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर शहर की करीब 35 कॉलोनियों को अब बीसलपुर का मीठा पानी मिलेगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 28 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से करीब 130 किलोमीटर की पाइप लाइन डालने के साथ ही उच्च जलाशय आदि बनाकर इन कॉलोनियों में रहने वाली 50 हजार से अधिक की आबादी को बीसलपुर का पानी पिलाने की कवायद शुरू कर दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई राजस्थान वाटर सप्लाई एवं सीवरेज मैनेजमेंट बोर्ड (आरडब्ल्यूएसएसएमबी) की वित्त समिति की बैठक में इसकी निविदा को मंजूरी दी गई। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शहरी जल योजना के तहत हरमाड़ा एवं बढ़ारना सहित सीकर रोड क्षेत्र की करीब 30 से 35 कॉलोनियां इस परियोजना से लाभांवित होंगी।उल्लेखनीय है कि 1966 में बनी हरमाड़ा योजना के तहत इस क्षेत्र के गांवों को पानी मिल रहा था। वर्ष 2015 में यह क्षेत्र शहरी जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आ गया और इसके बाद 2016 से यहां बीसलपुर का पानी तो आ गया लेकिन पर्याप्त पाइप लाइन बिछी हुई नहीं होने के कारण ज्यादातर कॉलोनियों में बीसलपुर का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस योजना में बढ़ारना मोक्षधाम क्षेत्र एवं रीको परिसर में उच्च जलाशय बनेंगे। साथ ही, मनसा माता मंदिर के पास स्वच्छ जलाशय बनेगा और क्षेत्र में 130 किलोमीटर लंबी पाइप लाइनें डाली जाएंगी, जो करीब 30-35 कॉलोनियों में रहने वाले 55 हजार लोगों का गला बीसलपुर के मीठे पानी से तर करेंगी।

नई पेयजल योजनाएं जुडे़ंगी स्काडा सिस्टम से।
जयपुर शहर की नई पेयजल योजनाएं मुख्य स्काडा सिस्टम से जोड़ी जाएंगी। इसके लिए 2 करोड़ 17 लाख रूपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इसमें आमेर पेयजल योजना, पृथ्वीराज नगर, जामडोली, जगतपुरा और खोनागोरियान पेयजल योजनाएं जयपुर के मुख्य स्काडा सिस्टम से जोड़ी जाएंगी। इससे पानी के प्रेशर एवं फ्लो की मॉनिटरिंग के साथ ही ऑडिट करने में भी आसानी होगी। इन सभी पेयजल योजनाओं का डाटा सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम पर उपलब्ध होगा।

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