विकास योजनाओं का जमीनी स्तर पर हो प्रभावी क्रियान्वयन - राज्यपाल

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि बीकानेर जिले की प्रगति और विकास की राह प्रशस्त करने के लिए अधिकारी संकल्पबद्ध होकर कार्य करें। वे जन हित से जुड़ी विकास और जन कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन को गंभीरता से लेते हुए अपने उत्तर दायित्व का निर्वहन करें । उन्होंने जिले के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार स्तर पर आम जन को लाभान्वित करने के लिए बनाई गई योजनाओं और कार्यक्रमों का समयबद्ध लाभ आम जन को मिलता है, तभी उनकी सार्थकता है। उन्होंने पेजयल, विद्युत, आवास और कृषि से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तथा इनसे जुड़े लम्बित प्रकरणों का निस्तारण त्वरित किए जाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। मिश्र ने जिला प्रशासन के अधिकारियो के साथ समग्र शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं के विकास के लिए क्रियान्वित श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन योजना, जल जीवन मिशन, समेकित विद्युत विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण आदि की समीक्षा करते हुए बिन्दुवार इन योजनाओं की उपलब्धियां और किए गए कार्यों के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि देश और राज्य का तभी तेजी से विकास हो सकता है जब आम जन के कल्याण के लिए बनी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हो। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को जन हित से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की नियमित मॉनीटरिंग करने, निर्धारित लक्ष्यों के विरूद्ध किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने और विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल मिश्र ने जिला प्रशासन के स्तर पर क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं और राष्ट्रीय अभियान से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने तथा कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि जिला स्तर पर गांव-गरीब को लाभान्वित किए जाने की योजनाओं को जिला प्रशासन स्तर पर गुणवत्ता से किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिश्र ने बैठक में जिन क्षेत्रों में और योजनाओं में कम कार्य हुआ है अथवा लक्ष्य के विरूद्ध किए कार्य संतोषजनक नहीं रहे हैं, ऐसे कार्यों की जिला कलक्टर स्तर पर प्रभावी मॉनीटरिंग करने और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह नहीं सोचें कि जो कुछ उन्होंने बैठक में बताया है, वह आंकड़े ही सर्वमान्य हैं। जनता स्वयं आजकल जागरूक है और उन्हें और मुख्यमंत्री स्तर पर निरंतर योजनाओ के बारे में फीडबैक भी मिलता है, इसलिए कार्य अधिकारी यह ध्यान रखें कि विकास कार्य सिद्धान्त में और कागजों पर ही नहीं व्यवहार में भी होने चाहिए।राज्यपाल ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रगति के बारे में भी बैठक में विशेष रूप से जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022-2023 में 8 हजार लक्ष्य के मुकाबले 2 हजार 614 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। इस संबंध में शत-प्रतिशत कार्य समय से पूर्व ही कर दिया जाएगा।बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जानकारी लेते हुए कहा कि किसान अन्नदाता है, इसलिए उनके लिए प्रारम्भ योजनाओं को प्रभावी रूप में क्रियान्वित किया जाए। जिले में समेकित विद्युत विकास योजना के तहत किए गए कार्यों के बारे में राज्यपाल मिश्र ने शहरी क्षेत्र में विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने के पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत नोखा, डूंगरगढ़ और देशनोक कस्बे में एक-एक 33 केवी सब स्टेशन, नोखा कस्बे में 5 एम.वी.ए. का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर और तीनों स्थानों पर 64 किलोमीटर 11 के.वी. लाईन, 63 कि.मी. एल.टी. लाईन व 44 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित कर योजना के लक्ष्यों को पूर्ण कर लिया गया है। राज्यपाल मिश्र ने इस पर जिला प्रशासन के अधिकारियों की सराहना भी की। बैठक में मिश्र ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना व सौभाग्य योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गांवों में विद्युतीकरण के लिए पिछले कुछ समय के दौरान यह योजनाएं वरदान रही है। बैठक में बताया गया कि इन योजनाओं के अंतर्गत प्रथम चरण में लक्ष्य 42 हजार 501 परिवारों को विद्युत कनेक्शन के विरुद्ध 45 हजार 102 कनेक्शन जारी किए गए हैं। इसी तरह सौभाग्य योजना में 5 हजार 355 कनेक्शन ग्रिड और 2 हजार 200 सोलर ऑफ ग्रिड कनेक्शन जारी करने के लक्ष्य की पूर्ति की गयी है। बैठक में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत घरेलू शौचालय निर्माण कार्य के अंतर्गत 1670 आवेदनों को अनुमोदित कर कार्य किया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि बाजार-ई नाम, फसल बीमा क्लेम योजना आदि के बारे में भी किए गए कार्यों के बारे में बैठक में राज्यपाल को बिन्दुवार अवगत कराया गया। मिश्र ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी बैठक में विशेष समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में एक करोड़ 34 लाख रूपये व्यय कर 6 हजार 163 महिलाओं को लाभान्वित किया गया। बैठक में राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण के तहत मिशन भावना से कार्य किया जाए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दन योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाओं के बारे में भी अधिकारियों से विशेेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना और लघु एवं मध्यम उद्योग योजना के तहत ऋण प्रदान करने की केन्द्रीय योजनाओं से अधिकाधिक युवाओं को जोड़ा जाए।बैठक में जल जीवन मिशन के तहत मरूस्थली क्षेत्रों में जलाशयों के संरक्षण, उनके पुनरोद्धार आदि के बार में भी राज्यपाल मिश्र ने बैठक में विशेष निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की युवा कौशल योजना, स्थानीय क्षेत्र विकास योजना आदि में किए गए कार्यों की जानकारी  लेते हुए आम जन को इनसे अधिकाधिक लाभान्वित किए जाने का आह्वान किया। इससे पहले जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने विभिन्न विकास योजनाओं की क्रियान्विति और जन कल्याण से जुड़े कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। जिला कलेक्टर ने इससे पहले विभिन्न क्रियान्वित योजनाओं का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। सम्भागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने राज्यपाल मिश्र का आभार जताया। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार, प्रमुख विशेष अधिकारी गोविंद राम जयसवाल एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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