अपना घर आश्रम ने मानसिक विमंदित प्रभुजी भगवत को उनके परिजनों से मिलाया।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर के अपना घर आश्रम पठानवाला द्वारा लावारिस व असहाय अवस्था में मिले प्रभुजी भगवत की देखरेख व सेवा-सुश्रुषा के पश्चात् उनके परिजनों से मिलाकर घर भेजा गया है। सचिव जगीरचंद फरमा ने बताया कि 7 मार्च को राजेन्द्र शर्मा की सूचना पर उक्त प्रभुजी को जन सेवा हॉस्पीटल, रीको, श्रीगंगानगर से लावारिस व असहाय हालात में लाकर आश्रम में सेवा व उपचार हेतु भर्ती किया गया। भर्ती के समय प्रभुजी ने अपना नाम भगवत बताया, परन्तु घर का पता बताने में असमर्थ था। कुछ दिन तक सेवा व उपचार के दौरान प्रभुजी भगवत से पूछताछ की गई तथा घर-परिवार के बारे में जानकारी ली गई। सेवाभावी सदस्यों के प्रयासों से प्रभुजी ने अपना पता बताया। इस पर उनके द्वारा बताए गए पते पर इंटरनेट की सहायता से सर्च करने पर पुलिस चौकी, गांव के मुखिया तथा प्रभुजी भगवत के पिताजी ओगड़ राम से बात हुई। अपने बेटे के अपना घर आश्रम पठानवाला श्रीगंगानगर में होने की जानकारी मिलते ही उनके पिता बहुत खुश हुए और तत्काल अपने बेटे को लेने के लिए रवाना हो गए। प्रभुजी भगवत के पिता ओगड़ राम अपना घर आश्रम पठानवाला, श्रीगंगानगर में आये तथा अपने बेटे को सकुशल देखकर उनकी आँखों में खुशी के आंसू आ गए। सभी औपचारिकताओं को पूर्ण के पश्चात् प्रभुजी भगवत के पिता ओगड़ राम अपना घर आश्रम का हृदय की अनंत गहराईयों से आभार व्यक्त करते हुए, प्रभुजी को अपने साथ अपने गांव कुशालपुरा, रायपुर पाली ले गए। इस अवसर पर अपना घर आश्रम पदाधिकारी, स्टाफ एवं सेवाभावी सदस्य उपस्थित थे।

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