नेट-थियेट पर नाटक जज़्बा का मंचन।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
नेट-थियेट कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रोग्रेसिव फाॅरम की ओर से प्रदेश के वरिष्ठ रंगकर्मी सरताज नारायण माथुर द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक जज़्बा का सफल मंचन।नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि सरताज माथुर द्वारा निर्देशित इस नाटक के जरीये देश प्रेम को दर्शाया गया है। इसलिये युवा पीढ़ी को देश के प्रतिअपने दायित्वों देश सुरक्षा के प्रति आगे बढने की प्ररेणा देता है। कहानी में देश की सुरक्षा में तैनात वीर सैनिकों के जज़्बे की प्रतिबद्धता दर्शाती है। 
नाटक की कहानी।
नाटक में नौजवान सुमेर अपने बडे भाई की शहादत उपरान्त भी सेना में भर्ती होता है। सेना के ऑपरेशन के दौरान उसकी भी मृत्यृ हो जाती है। उसकी सूचना जब गांव में मिलती है। जहा उसकी पत्नी के गर्भ में सुमेर का अंश है तब वो अपना निर्णय सुनाती है कि वो अपने होने वाले बच्चे को बड़ा होने पर सेना में भेजेगी। इस बात का सुमेर की मां जबरदस्त विरोध करती है लेकिन सुमेर का भाई किशन आग्रह करता है की वह भी सेना में ही जायेगा। इस जद्दोजहद के बीच सुमेर के पिता निर्णय लेते हैं कि उनका बेटा किशन देश सेवा के लिये फौज में जायेगा कहते है कि यदि हमारे युवा फौज में नही गये तो हमारा देश सुरक्षित कैसे रहेगा। इस दौरान मंच पर जाॅय शर्मा, शिखा सक्सैना, अनमोल त्यागी,  कृति चतुर्वेदी, फैजान खान, नंन्दिनी सिंह,पुलकित जांगिड़, साहिल टिंडवाणी, वीरसिंह दीपक सैनी, समीर आर्य, हर्षित डोई, विशाल गौतम, प्रदीप ख़त्री और शरीफ ने अपने सशक्त अभिनय से देश प्रेम का जज़्बा  दर्शकों तक पहुंचा कर युवा पीढी को प्रेरित करता है। रूप सज्जा राधे लाल बांका,  प्रकाश अमित चौधरी, म्युजिक ऑपरेशन हितेष खत्री, मंच प्रबंधन सुनैना बडाया, वस्त्र विन्यास एवं प्रस्तुति प्रबंधन गरिमा सिंह ने दी।

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