सौर ऊर्जा से कृषकों को दौहरा लाभ।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना के तहत करौली जिले में जहॉ कृषक बिजली का उत्पादन कर खेतों में अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं वहीं सौर ऊर्जा से कृषि यंत्रों का भी भरपूर उपयोग कर दौहरा लाभ ले रहे हैं। जिले के हिण्डौन सिटी के पूंछरी ग्राम के कृषक मुकेश पुत्र बाबूलाल ने 7.5 एचपी सोलर पम्प के माध्यम से सिंचाई और कृषि की मशीनों को काम में ले रहे है जिससे बिजली के बिल और समय की भी बचत हो रही है।राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत यूनीवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर स्थापित कर कृषक सिंचाई के साथ-साथ कृषि उपकरण जैसे आटा चक्की, चाप कटर, मिन कोल्ड स्टोरेज, ब्लक मिल्क चिलर, थ्रेसिंग एवं फल सब्जी सुखाने का कार्य कर रहे हैं। उद्यानिकी विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत के यूनीवर्सल सोलर पम्प आधारित कृषि उपकरण संचालित परियोजना शुरू की गई है, जिसमें करौली जिले में 30 कंट्रोलर लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ। इस सम्बंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना में किसानों को 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है जिसमें 3 एचपी के यूनीवर्सल सोलर पम्प की लागत 83 हजार तथा 5 एचपी के यूएसपीसी की लागत करीब 85 हजार 500 रूपये आती है। कृषकों के लिए सौर उर्जा से सिंचाई करना करौली जिले में लाभकारी सिद्ध हो रहा है। मुकेश को देखकर अन्य कृषक भी सौर उर्जा से सिंचाई करने की पद्धति तथा सौर ऊर्जा से क्षेत्र के किसानों को हो रहे दौहरे लाभ को देखते हुए अब अन्य कृषक परिवार भी इस योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

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