वीडीओ की परीक्षा देते मुन्ना भाई गिरफ्तार।

कोटा-हंसपाल यादव।
कोटा जिले में ग्राम विकास अधिकारी की मुख्य परीक्षा देते हुए एक मुन्ना भाई को पुलिस ने पकड़ा हैं। आरोपी किसी दूसरी की जगह परीक्षा देने के लिए पहुंचा था और वह परीक्षा दे भी चुका था। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया हैं। इस संबंध में कोटा शहर पुलिस को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एसओजी के जरिए इनपुट मिला था। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई हैं। अतिरिक्त कलेक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने बताया कि फर्जी अभ्यर्थी को सतर्कता दल ने पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घोड़ा बस्ती दादाबाड़ी के परीक्षा केंद्र क्रमांक 24042 का हैं। जहां पर अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा पुत्र मक्खन लाल मीणा ग्राम हीरापुरा तहसील गंगापुर जिला सवाई माधोपुर का नम्बर आया था। उसके स्थान पर अशोक कुमार विश्नोई पुत्र हरिराम विश्नोई निवासी धोरीमन्ना बाड़मेर परीक्षा देने के लिए बैठा था। पुलिस उप अधीक्षक द्वितीय अंकित जैन के अनुसार मामले में आरोपी के खिलाफ दादाबाड़ी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया हैं। 
दूसरी तरफ कोटा जिले में वीडीओ मेन परीक्षा में 92.59 फीसदी परीक्षार्थियों की उपस्थिति रही हैं। इसमें 19906 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनकी जगह 18430 पहुंचे हैं जबकि 1476 अनुपस्थिति थे, परीक्षार्थी को एग्जाम देने के लिए एक फोटो, प्रवेश पत्र और एक ओरिजिनल आईडी लेकर पहुंचना थी। आरोपी अशोक विश्नोई असली अभ्यर्थी अरुण मीणा के नाम से ही वोटर आईडी लेकर आया था। जिस पर अशोक का ही फोटो लगा हुआ था, लेकिन फोटो अरुण मीणा का ही लेकर पहुंचा था। यह फोटो मिसमैच हो गया था। स्कूल के स्टाफ का कहना है कि इसी के चलते उन्हें शक हुआ और यह फर्जी अभ्यर्थी पकड़ में आया। स्कूल के स्टॉफ का यह भी कहना है कि आरोपी को प्रवेश दे दिया था। जिसके बाद उसे पेपर तो दे दिया था, क्योंकि किसी विद्यार्थी का पेपर नहीं रोका जा सकता हैं। ऐसे में पुलिस ने उसकी कॉपी को भी जब्त कर लिया हैं।
आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि वह बीकॉम पास आउट हैं। इसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटा हुआ था। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि पांच लाख रुपए की राशि लेकर यह एग्जाम देने के लिए बैठा था। पुलिस को यह भी शक है कि परीक्षा दे रहा विद्यार्थी किसी तरह की नौकरी में नहीं है और खुद भी स्टूडेंट ही हैं। ऐसे में हो सकता है कि उसके पास में कहीं से परीक्षा का पेपर आया हो। जिसके बाद वह एग्जाम देने के लिए यहां पर आ गया। उसी पेपर के आधार पर वीडीओ परीक्षा में पास करवाने का दावा किया हो, ऐसे में इस तथ्य के अनुसार भी कार्रवाई की जा रही।

आरोपी ने लिया दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल का नाम।
इस मामले में आरोपी अशोक विश्नोई ने दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल का नाम लिया है। जिसने ही असली अभ्यर्थी अरुण मीणा से संपर्क करवाने का दावा किया हैं। हालांकि पुलिस उप अधीक्षक अंकित जैन का कहना है कि यह अभी क्लियर नहीं है कि दिल्ली पुलिस का जवान नकल गिरोह का सदस्य है या नही। असली अभ्यर्थी अरुण मीणा को पकडऩे के लिए टीम गठित कर दी हैं। उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपी को असली अभ्यर्थी अरुण मीणा से कैसे संपर्क हुआ था।

ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) बृजमोहन बैरवा ने बताया कि जिले ग्राम विकास अधिकारी की परीक्षा में कुल 19 हजार 906 अभ्यर्थियों में से 18 हजार 430 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि 1 हजार 476 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे इसी प्रकार जिले में 92.59 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्र संख्या 24042 दादाबाडी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घोडाबस्ति पर परीक्षार्थी अरुण कुमार मीणा पुत्र मक्खन लाल मीणा ग्राम हीरापुरा तहसील गंगापुर जिला सवाई माधोपुर के स्थान पर अशोक कुमार विश्नोई पुत्र चोखाराम विश्नोई निवासी धोरीमन्ना बाड़मेर परीक्षा देते हुए जांच के दौरान पकडा गया जिसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

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