चंबल नदी ने 1996 का तोड़ा रिकॉर्ड, मंत्री रमेश मीणा ने अधिकारियों से संसाधनों में कमी की डिमांड सरकार को देने को कहा।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से करौली जिले के मंडरायल उपखंड से होकर गुजर रही चम्बल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मंडरायल और करणपुर क्षेत्र के गांव टापू बन गये है। लोगों से पूरी तरह से संपर्क टूट गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरूवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश मीना ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन की बैठक ली। और अधिकारियों को मौके पर पहुँच कर वास्तविक स्थिति पर नजर रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू कर लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और लोगों के राशन सहित हर प्रकार से मदद करने के लिए निर्देश दिए हैं। मंत्री रमेश मीणा ने आपदा प्रबंधन की बैठक लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हालात खराब है। किसी भी प्रकार की जान हानि ना हो और लोगो के पास हर प्रकार की मदद पहुचे इसको लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार से हेलीकॉप्टर, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस टीम सहित किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत है तो सरकार से अधिकारी मांग करें। सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी। मंत्री रमेश मीणा ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार हर तरीके से आपदा प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए तैयार है लेकिन जिला प्रशासन ने सरकार के पास किसी भी प्रकार की डिमांड नहीं भेजी है। मंत्री ने बताया कि उन्होंने खुद प्रभावित इलाकों का दौरा किया है हालत खराब है। लोगों से कनेक्टिविटी नहीं जुड़ पा रही है। उनके मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से सरपंचों पर खाने की व्यवस्था का जिम्मा सौप दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से लोगों को खाने पीने की किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए अतिरिक्त अधिकारियों को जिम्मा सौंपने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ की टीमें बढ़ाने की आवश्यकता है। बैठक में जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक नारायण टोंगस सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आपको बता दे, कि करौली के मंडरायल उपखंड से होकर गुजर रही चंबल नदी मे अभी भी पानी की आवक तेज है। चंबल नदी खतरे के निशान से 6 मीटर ऊपर बह रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस बार चंबल नदी ने 1996 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अधिकारियों ने बताया कि चंबल नदी वर्ष 1996 में 25 मीटर तक बही थी जो कि इस बार 25. 5 मीटर तक बह गई है। चंबल नदी में पानी की आवक के साथ करणपुर और मंडरायल इलाके के दो दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। एसडीआरएफ टीम द्वारा लोगों का रेस्क्यू कर उनको सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा चंबल नदी के पास लोगों की आवाजाही को रोक दिया गया है। प्रशासन पल-पल की नजर बनाए हुए हैं।

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