वरिष्ठ नागरिको के भरण पोषण कल्याण अधिनियम 2007 के कानूनी नियमो की नहीं हो रही पालना-राजेश टंडन।

अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान राज्य वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष एडवोकेट राजेश टंडन ने सोमवार को जिला कलक्टर अशंदीप को वरिष्ठ नागरिको के भरण पोषण कल्याण अधिनियम 2007 के कानूनी नियमो के बारे समुचित कार्यवाही नही होने पर पत्र देकर आग्रह किया है। एडवोकेट टंडन ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  के मार्ग दर्शन में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याणार्थ गठित वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड का गठन कर मुझे उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देने पर मेरे कार्यालय में स्थापित हैल्प डेस्क पर प्राप्त शिकायतों से ज्ञात हुआ कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 7 के तहत अजमेर शहर में गठित अधिकरण उपखण्ड अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर के न्यायालय में संचालित हो रहे हैं। किन्तु अधिकरण के इस अधिनियम के तहत प्रस्तुत परिवादों की समूचित सुनवाई नहीं हो पा रही है अधिकरण में इस अधिनियम के तहत प्रस्तुत परिवादों के संधारण के लिए अलग से लिपिक तक तय नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी कारण लम्बे समय तक परिवाद दर्ज नहीं जो पाते हैं, विरोधी की तलबी नहीं हो पाती है और वरिष्ठ नागरिक को कोई राहत नहीं मिल पाती है। टंडन ने बताया कि इस अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों द्वारा धारा 5 में प्रस्तुत निर्वाह भत्तों के मामलों में और धारा 23 के तहत प्रस्तुत सम्पत्ति हस्तान्तरण की निरस्ती के मामलों में किसी भी वृद्ध माता-पिता और वरिष्ठजन को कोई राहत अधिकरण से प्राप्त नहीं हो पाई है यह प्रवृति एक ओर जहां वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनहीन व्यवहार को दर्शाती है। वहीं दूसरी ओर सीएम गहलोत के वरिष्ठ नागरिकों को न्याय व सम्मान दिलवाने और उनका जीवन सुखद बनाने के सद्प्रयासों पर भी विपरीत प्रभाव डालता है।राजस्थान राज्य वरिष्ठ नागरिक कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष टंडन ने पत्र लिखकर जिला कलेक्टर से व्यक्तिगत स्तर पर जिले में संचालित सभी अधिकरणों में प्रस्तुत परिवादों की वर्तमान दशा की जांच करवाने और इस अधिनियम में प्रस्तुत परिवादों की समुचित सुनवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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