मरु प्रदेश के 6 जिलों में बाढ़ का संकट, नदी-नाले उफान पर।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में नया मौसमी तंत्र बनने के बाद पिछले दो दिन में राजस्थान के कोटा संभाग में कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं सिरोही, टोंक में हुई भारी बारिश के कारण कई जगह जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। चंबल नदी में उफान आने के कारण करौली और धौलपुर जिले में नदी से सटे ततीय गांवों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तेज बारिश और नदियों के उफान पर आने के जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं उदयपुर में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त है। नदी नाले उफान पर हैं। बारिश के कारण बुधवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
दो लोगों की मौत, छतों पर शरण को मजबूर।
भीषण बाढ़ जैसे हालात में जल जनित हादसों में दो लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है। बूंदी जिले के नैनवा इलाके के सुवासड़ा निवासी सत्य नारायण प्रजापत माताजी के एनीकट के नजदीक पानी के बहाव में फंस गया था। इसके चलते उसकी मौत हो गई है। दूसरी तरफ खेड़ी शेखापुर गांव में सोमवार शाम पार्वती नदी का उफान देखने जा रहे तीन युवक एक साथ उफनते नाले में बह गए। इनमें राजवीर व आसम मेघवाल नामक दो युवक पानी से सकुशल बाहर निकल लिए गए। लेकिन इकराम नामक युवक का 12 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चला है। लेकिन प्रशासन की ओर से उसको बचाने के लिए देर शाम तक नदी के उफान में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका। हालांकि बड़े स्तर पर ग्रामीण वहां पर एकत्रित हो गए थे। 
धौलपुर के 80 गांवों में बाढ़ का खतरा।
चंबल में सहायक नदियों से पानी की आवक होने पर जिले के 80 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला कलेक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश और हाड़ौती क्षेत्र में हुई बारिश के बाद गांधी सागर और काली सिंध से पानी को कोटा बैराज में रिलीज किया गया है। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के चलते चंबल के जल स्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। चंबल की सहायक नदियों का पानी भी प्रवेश कर रहा है। इससे लगभग 10 लाख क्यूसेक पानी जिले से होकर गुजर रहा है। धौलपुर, बाड़ी, राजाखेड़ा एवं सरमथुरा क्षेत्र के 80 गांव में अलर्ट जारी किया है सरमथुरा क्षेत्र के झिरी, दुर्गसी, शंकरपुरा समेत एक दर्जन और राजाखेड़ा क्षेत्र के अडवा पुरैनी, चिलपुरा, छाड़ियन का पुरा, घड़ी जाफर, डगरा, बर्सला समेत डेड दर्जन गांव में पानी भरना शुरू हो गया है। राहत और बचाव के लिए प्रशासन को तैनात किया गया है।
सिरोही में जनजीवन अस्त व्यस्त।
सिरोही जिले में बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति है। जिसके कारण आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तलहटी से सिरोही की ओर जाने वाले मार्ग ओर ट्रॉमा सेंटर के बाहर नाले का पानी सड़क पर आ गया। इसके कारण वाहन चालकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी की तेज बहाव में एक बाइक सवार फंस गया, जिसे मशक्कत के बाद निकाला जा सका। बारिश के बाद आबूरोड के मोरथला में पुल टूट कर बह गया. इसके चलते गांव का संपर्क टूट गया। वहीं मानपुर हाउसिंग बोर्ड के बाहर एक निजी स्कूल की बस सड़क में धस गई। चालक ने सूझबुझ दिखाते हुए बस में सवार सभी बच्चों को नीचे उतारा। बस में 50 से ज्यादा बच्चे सवार थे।
उफान पर नदियां।
बारिश के बाद नदी नाले उफान पर हैं। बनास नदी, गोमती नदी, सियावा नदी, तलहटी से बहने वाला नाला, लनियापूरा नाला, झाबुआ नदी, बत्तीसा नाला सहित आबूरोड क्षेत्र के सभी नदी नाले उफान पर चल रहे हैं। भारी बारिश के बाद शहर में पुलिस ने घूमकर लोगों से पानी में न जाने की अपील की है। साथ ही जर्जर मकानों से दूर रहने, पेड़ों से दूर रहने की भी अपील की है।
उदयपुर में नदी नाले उफान पर, स्कूलों में अवकाश।
उदयपुर में झमाझम बारिश के कारण अब नदी-नाले सब उफान पर हैं। भारी वर्षा को देखते हुए उदयपुर जिले के समस्त निजी व सरकारी स्कूलों में 24 अगस्त को अवकाश रहेगा। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि बुधवार को शिक्षकों को आना होगा। उदयपुर में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से मानसी वाकल बांध भी छलक गया।

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