कोटा संभाग में बाढ़ के हालात, झालावाड़, कोटा, बूंदी में स्कूलों में अवकाश घोषित।

कोटा-हंसपाल यादव।
कोटा संभाग में बाढ़ के हालात हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश से चलते गांव और शहर पानी-पानी हो गए हैं। नदियों खतरे से ऊपर बह रही है। अति भारी बारिश के चलते कोटा, झालावाड़ और बूंदी में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। उधर कोटा जिला कलक्टर ने आपात बैठक बुलाकर मौजूदा हालाता की समीक्षा की और बचाव राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ के हालातों के मुद्देनजर चारों जिलों के जिला कलक्टरों ने मोर्चा संभाल लिया है। झालावाड़ जिला कलक्टर ने आदेश जारी कर सोमवार और मंगलवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। कोटा में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सुबह से लोग घरों में कैद है। कई कॉलोनियां पांच से सात फीट पानी में घिरी हुई है। कोटा संभाग में रविवार शाम से भारी बारिश का दौर चल रहा है। रातभर भारी बारिश होने से कोटा संभाग में कई जगहों पर बाढ़ के हालात बन गए हैं। उधर दरा जंगल मे नाले में पानी के तेज बहाव से सड़क पर पानी आने से राष्ट्रीय राजमार्ग 52 फिर सोमवार सुबह बंद हो गया है। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। फिलहार आवागमन बंद कर दिया है अमझार नाले के पास हाइवे पर चार-चार फीट पानी आ गया है। उधर कोटा जिले में खातौली के पास नदी उफान पर आने से राजस्थार और मध्यप्रदेश का सम्पर्क कट गया है।
चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की संभावना।
अतिभारी बारिश होने से कोटा और बूंदी जिला कलक्टर ने कोटा जिले की सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। कोचिंग संस्थानों में भी सुबह की पारी की कक्षाएं टाल दी है। बांधों से लगातार पानी की निकासी की जा रही है। चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर में चार लाख क्यूसेक पानी छोडऩे का अलर्ट जारी कर दिया है। इससे कोटा बैराज से डाउन स्ट्रीम के क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति आने वाली है। कोटा और झालावाड़ में हाईअलर्ट जारी कर दिया है। झालावाड़ कलक्टर डा. भारती दीक्षित ने अधिकारियों को अति भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल दौरा करने को कहा है। जलभराव वाले इलाकों से लोगोंं को सुरक्षित पहुंचाने को कहा है। कोटा और झालावाड़ जिले में पूरी रात भारी बारिश का दौर जारी रहा है। इस कारण कोटा में तो 50 से अधिक कॉलोनियों में पानी भर गया है। मकान पांच-छह फीट पानी में डूब गए है। कोटा शहर में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग घरों में कैद होने को विवश हो गए हैं।
कालीसिंध बांध के 10 गेट खुले।
झालावाड़, रीछवा . लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। क्षेत्र के कालीसिंध बांध में पानी की आवक बढ़ जाने से 10 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। जलसंसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में सबसे अधिक पानी की आवक वाले कालीसिंध बांध के सोमवार तड़के से ही 10 गेट 40 मीटर खोलकर 1 लाख 31 हजार 647 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
मकान और बाजार में घुस गया बारिश का पानी।
दूसरी तरफ पूरा शहर बारिश से पानी-पानी हो गया है। शहर की कई सड़कों पर पानी का दरिया बह रहा है। इनमें मुख्यता प्रेमनगर, बजरंग नगर और जवाहर नगर इलाके की सड़कें शामिल हैं। बजरंग नगर इलाके से निकल रहा नाला भयंकर बारिश के चलते उफान पर है और जिसका पानी त्रिवेणी आवास व आदित्य आवास सहित कई कॉलोनियों में प्रवेश कर गया है। दूसरी तरफ शहर के जवाहर नगर नाले का पानी भी ओवरफ्लो हो गया है। तलवंडी और जवाहर इलाके में मकानों में घुस गया है। इसके साथ ही जवाहर नगर मेन रोड पर भी दुकानों में पानी प्रवेश कर गया है। अभी भी लगातार बारिश का क्रम जारी है. बता दें, जिले में करीब 15 घंटों में करीब 9 इंच बारिश हुई  है।
4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कॉलोनियों में चलेगी नाव।
दूसरी तरफ नगर प्रेमनगर, डीसीएम, बोरखेड़ा, रायपुरा, देवली अरब रोड, अनंतपुरा सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति हो गई है। सैकड़ों की संख्या में कॉलोनियों में पानी भर गया है। जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में निचले इलाकों में रेस्क्यू भी नगर निगम की टीम शुरू कर सकती है। कुछ समय में ही नगर निगम की गोताखोर और रेस्क्यू टीम नाव इन इलाकों में चला सकती है। इसके अलावा आरएसी और एसडीआरएफ की मदद भी ली जा सकती है। कुछ कच्चे मकान भी कच्ची बस्तियों में गिरे हैं। मौसम विभाग ने कोटा संभाग में 21 और 22 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। जिसमें हिदायत दी थी कि कोटा में 115 से 205 मिलीलीटर बारिश तक की बारिश हो सकती है।
कोटा बैराज से अब छोडा 3 लाख क्यूसेक पानी नदी में चम्बल, पार्वती, कालीसन्ध समेत  सभी नदियॉ उफान पर।
निचले ईलाकों की बस्तियों का दौरा करने निकले जिला कलेक्टर ओपी बुनकर एवं पुलिस अधीक्षक शहर केसरसिंह शेखावत, बालिता बस्ती, बापू बस्ती, कुन्हाड़ी, खंडगांवडी, नंदा की बाड़ी क्षेत्र में मौका मुआयना किया।  लोगों से पानी भरा वाले स्थानों को छोड़कर नजदीकी आश्रय स्थलों में जाने का किया आह्वान किया। इस दौरान अतिरिक्त कलेक्टर शहर बृजमोहन बैरवा, आयुक्त नगर निगम उत्तर वासुदेव मलावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर प्रवीण जैन सहित पुलिस प्रशासनिक अधिकारी साथ मे मौजूद रहे।

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