कांग्रेस की जनसुनवाई में एनटीटी विधार्थियों ने किया हंगामा, मंत्री ममता भूपेश बोली भर्ती हाईकोर्ट के अधीन।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को जनसुनवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान एनटीटी छात्र-छात्राओं ने 2018 में हुई भर्तियों में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए जनसुनवाई का विरोध शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे छात्र-छात्राओं को जनसुनवाई से बाहर कर दिया गया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पहुंचे विद्यार्थियों को जब मंत्री ममता भूपेश से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने मंत्री पर कई आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। दरअसल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जनसुनवाई में पहुंचे स्टूडेंट्स का आरोप था कि गलत तरीके से गीता बजाज संस्थान के छात्रों को नियुक्ति दे दी गई है। जबकि इस बारे में उन्होंने मंत्री ममता भूपेश को पहले भी कहा था और उन्होंने आश्वासन भी दिया था लेकिन अपात्र कॉलेज के विद्यार्थियों को गलत तरीके से नियुक्तियां दी गईं हैं। इसके चलते 511 योग्य छात्र बाहर हो गए हैं। कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे युवाओं का आरोप था की एनटीटी की जगह पीपीसी वाले विद्यार्थियों को नियुक्ति दे दी गई है जिसमें सीधे तौर पर भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने कहा कि 5 साल से अब भी एनटीटी के 511 पद खाली पड़े हैं। मंत्री केवल फर्जी मीटिंग कर दिखावा करते हैं। चेतावनी दी कि अब भी अगर अगर उन्हें फर्जीवाड़े कर भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखा गया तो उनके पास आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। नाराज छात्रों के बाहर जाने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि एनटीटी की 1350 भर्तियों में से 850 की नियुक्ति सरकार कर चुकी है। कुछ भर्तियों पर कोर्ट का स्टे है जिसे लेकर विभाग कोर्ट में पैरवी भी करवा रहा है। अब कोर्ट स्टे के चलते विभाग बच्चों को भर्ती नहीं दे पा रहा है। जैसे ही कोर्ट स्टे खत्म होगा भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

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