राजस्थान में आज भी एससी वर्ग के लोग स्वयं को महसूस करते हैं प्रताड़ित -विजय सांपला।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला की अध्यक्षता में शासन सचिवालय स्थित कान्फ्रेंस हॉल में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस विभाग, विधि विभाग एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विजय सांपला ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के उत्पीड़न मामलों के निस्तारण में जो भी कमियां आयोग द्वारा उल्लेखित की गई है उनको शीघ्र दूर किया जाए। सांपला ने कहा कि आज भी अनुसूचित जाति वर्ग के लोग स्वयं को प्रताड़ित महसूस करते हैं। अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम पूरे राज्य के लिये है और उसी अनुरूप राज्य सरकार को कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान एवं सरंक्षण के लिये गंभीरता से कार्य करे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के प्रति संवेदनशील है और निरन्तर उनके उत्थान व कल्याण के लिये प्रयास के कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिये अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि फिर भी जो कमियां आयोग द्वारा बतायी गई है, उन्हें दूर किया जाये। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि आयोग चाहे केन्द्र का हो या राज्य का। आयोग का मकसद अनुसूचित जाति वर्ग का उत्थान करना होता है। उन्होंने कहा कि जब एक बार अनुसूचित जाति का व्यक्ति प्रताडित होता है तो वह सालों साल प्रताडित होता रहता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून को सख्त किया जाना चाहिए, ताकि ऐसे प्रकरणों पर अंकुश लग सकें। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि प्रशासन का पूरा प्रयास रहता है कि हम अनुसूचित जाति वर्ग के प्रति संवेदनशील रहे। फिर भी कुछ कमियां रहती है तो हम उन्हें दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितने सुझाव आये हैं और जो कमियां बताई गई  है, उन्हें पूर्ण कर लिया जायेगा।

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