अब पायलट बने राजस्थान के सीएम, गहलोत को गांधी परिवार की इच्छा का करना चाहिए सम्मान-खिलाड़ी बैरवा

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान SC आयोग के अध्यक्ष और बसेड़ी से ​कांग्रेस विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने सचिन पायलट को सीएम बनाने की खुलकर मांग की है। अब तक गहलोत खेमे में रहे खिलाड़ी बैरवा ने अब पाला बदलते हुए गहलोत की जगह पायलट की पैरवी करना शुरू कर दिया है। बैरवा ने जयपुर में कहा कि पायलट को मानेसर से वादों के साथ वापस लाया गया था, अभी जो हालत है, उसमें पायलट को सीएम बनाना चाहिए। सबकी यही भावना है। मैं भी उसी भावना की बात कर रहा हूं। बैरवा ने चेतावनी देते हुए कहा- अगर इस जन भावना का आदर नहीं करके मनमानी की गई तो पार्टी को नुकसान होगा। बैरवा ने सीएम बदलने पर कहा कि बदलाव तो होते रहने चाहिए। आलाकमान तय करता है, चर्चा जोरों पर है। सब लोगों को विचार करना चाहिए। गहलोत मुख्यमंत्री बने थे, पायलट डिप्टी सीएम थे। बीच में पायलट हरियाणा के मानेसर गए, पार्टी में पायलट को वादों के साथ वापस लाए। अभी जो हालत चल रहे हैं, उसमें पायलट को मुख्यमंत्री बनाते हैं तो क्या दिक्कत है? आज का युवा, उनकी जाति 100% उसके साथ है।
गहलोत खुद सेकेंड लाइन को करें आगे।
बैरवा ने कहा कि अशोक गहलोत पुराने नेता हैं। 40 साल से राजनीति कर रहे हैं। बड़े पदों पर रहे हैं। आज जो हालत हैं, उसमें बदलाव की बात हो रही है तो गहलोत खुद इतने बड़े नेता हैं, उन्हें खुद सेकेंड लाइन को तैयार करके आगे भेजना चाहिए। हम मीडिया के माध्यम से सुन रहे हैं। गहलोत को सम्मान के हिसाब से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की बात आ रही है तो उन्हें बनना चाहिए। बड़ा पद है।आज जो हालात हैं, उसमें कोई एक व नेता सत्ता लाने में सक्षम नहीं है। मेरी राय है कि विभिन्न जातियों के लोग जिनमें गुर्जर, मीणा, एससी, ब्राह्मण, जाट,राजपूत में से एक-एक नेता को आगे लाकर फ्रंट लाइन तैयार करनी चाहिए। इनमें से एक सीएम, दो डिप्टी सीएम, चार को कमेटियों में मेंबर, एक पीसीसी चीफ इस तरह कॉम्बिनेशन बैठाकर काम करेंगे। कांग्रेस को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।
सब कुछ पाने वाले नेता त्याग करें।
बैरवा ने कहा कि चिंतन शिविर हुआ, उसमें सोनिया गांधी ने कहा था कि पार्टी ने जिन नेताओं को बहुत कुछ दिया है। अब आपको लौटाने का वक्त है। राजस्थान में अब तक ऐसी स्थिति नहीं दिखी कि जिन्हें पार्टी ने सब कुछ दिया वे लौटाना चाहते हैं, जो चीज अध्यक्ष ने मांगी थी उस पर तत्काल फैसला होना चाहिए था। गांधी परिवार का त्याग बेमिसाल है। आज उसके ही खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। इस परिवार का त्याग, बलिदान ऐसा है कि उनका फैसला मंजूर करना चाहिए। बैरवा ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राहुल गांधी ने कह दिया कि गांधी परिवार से बाहर से अध्यक्ष बनना चाहिए तो उनकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए। इसकी जगह फैसला बदलने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है।

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