बीसलपुर बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू, जिला कलेक्टर ने पूजा अर्चना के बाद खोले गेट।

टोंक ब्यूरो रिपोर्ट।
टोंक जिले में बनास नदी पर बने बीसलपुर बांध के गेट शुक्रवार सुबह  बांध के पूर्ण भराव क्षमता 315.5 आरएल मीटर भर जाने के बाद खोल दिये गए। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद बीसलपुर परियोजना के अधिकारियों के साथ बटन दबाकर गेट खोले। इससे पहले बांध के डाउन स्ट्रीम में सायरन बजाकर लोगो को सचेत करने के साथ ही पुलिस ने बनास जाने वाले रास्तो पर बेरिकेटिंग कर दी थी। वर्तमान में बांध के दो गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है । बीसलपुर बांध के जलग्रहण क्षेत्रो में पिछले दिनों हुई बरसात के बाद बांध में पानी की तेज आवक के चलते आज सुबह जैसे ही बांध की पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर का जलस्तर बांध के पानी ने छुआ। परियोजना के अधिकारियों ने जिला कलेक्टर टोंक से बांध के गेट ओपन करवा दिए। यह बांध के इतिहास में यह छठा मौका था जब बीसलपुर बांध से गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। बांध बन जाने के बाद 2004 में पहली बार ओर 2019 में पांचवी बार बांध के गेट खोले गये थे। राज्य के बडे बांधों में शुमार होने वाले बीसलपुर बांध में पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक पानी आ जाने से 38.708 TMC पानी आ चुका है और पानी की आवक जारी है अब बांध से जयपुर, अजमेर व टोंक जिले की करीब 90 लाख की आबादी को पानी दिए जाने के साथ ही बांध से टोंक जिले के किसानों को सिंचाई का पानी मिलना भी अब संभव हो सकेगा। हालांकि बांध से सिंचाई का पानी दिए जाने का अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा ही किया जाता है। लेकिन बांध से पानी दिए जाने के गणित के हिसाब से इस बार रबी की फसल की सिंचाई के लिए बांध से पानी मिल सकेगा। जिले में 2019 के बाद सिंचाई के लिए बीसलपुर बांध का गेज कम होने के कारण पानी नहीं दिया गया है। लेकिन इस बार बांध में 100 प्रतिशत पानी की आवक हो चुकी है। त्रिवेणी का गेज इसी प्रकार चलता रहा, आने वाले कई दिनों तक बांध से पानी की निकासी करनी पड़ सकती है, उल्लेखनीय है कि बीसलपुर बांध में 16.2 टीएमसी पानी पेयजल के लिए आरक्षित है। 8 टीएमसी पानी सिंचाई के लिए एवं 8.15 टीएमसी पानी वाष्पीकरण एवं अन्य खर्च के लिए मानते हुए सिंचाई के पानी के लिए निर्णय किया जाता है। यानी की बांध में 24.17 टीएमसी के बाद दो-तीन टीएमसी पानी अधिक आने के बाद सिंचाई के लिए पानी दिए जाने का सोचा जाता है। इसबार बांध में अब तक करीब 38.708 टीएमसी पानी की आवक हो चुकी है। बांध की कुल भराव क्षमता 38. 708 टीएमसी है तथा गेज 315.50 आरएल मीटर है। जिले में बांध की दायीं व बायीं मुख्य नहर से 81 हजार हैक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई होती है। बांध के गेट खोले गए है वह इसको देखते हुए सभी को अलर्ट कर दिया गया है।
पांच बार हो चुका है ओवर फ्लो।
जयपुर, अजमेर, टोंक सहित कई अन्य जिलों के लिए पेयजल का महत्वपूर्ण स्त्रोत बीसलपुर बांध पिछले 22 सालों में 2004, 2006, 2014, 2016 व 2019 में बांध ओवर फ्लो हो चुका है। जिसमें सबसे अधिक ओवरफ्लो 2019 में हुआ। करीब 63 दिनों तक बांध से पानी छोड़ा गया। 80 दिनों तक बांध का गेज 315.50 आरएल मीटर रहा।
ये है बांध का कैचमेंट एरिया।
बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तोड़, राजसमंद, उदयपुर, प्रतापगढ, टोंक जिला शामिल है। जहां अच्छी बारिश होने पर बांध में पानी की आवक अच्छी होती है।

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