कांग्रेस संगठनात्मक नियुक्तियांः राजधानी जयपुर में अल्पसंख्यक वर्ग से अध्यक्ष बनना तय।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सत्ता और संगठन से लंबे समय से नाराज चल रहे अल्पसंख्यक वर्ग नाराजगी दूर करने और अपना परंपरागत वोट बैंक साधने के लिए भले ही पार्टी आलाकमान ने पहली बार जयपुर शहर में दो अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला ले लिया हो लेकिन यह फैसला ही अब पार्टी नेताओं के लिए गलफांस बनता जा रहा है। सूत्रों की माने तो पार्टी आलाकमान की ओर से जयपुर शहर में इस बार संगठनात्मक नियुक्तियों के जरिए जयपुर हेरिटेज और जयपुर ग्रेटर क्षेत्र के दो अध्यक्ष बनाए जाएंगे, जिनमें जयपुर हेरिटेज सेअल्पसंख्यक वर्ग को अध्यक्ष बनाया जाना है। जयपुर हेरिटेज से अध्यक्ष बनाए जाने का फॉर्मूला तय होने के बाद अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े कई नेताओं ने इसके लिए लॉबिंग भी शुरू कर दी है लेकिन पार्टी के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह आ रही है कि भले ही पार्टी ने अल्पसंख्यक वर्ग से अध्यक्ष बनाए जाने का फॉर्मूला तय कर दिया हो लेकिन अध्यक्ष पद के लायक कोई बड़ा अल्पसंख्यक चेहरा पार्टी को नहीं मिल पा रहा है, जो जयपुर शहर में चर्चित और जनाधार वाला चेहरा हो। ऐसे में पार्टी नेताओं के सामने भी परेशानी यह है कि आखिर जयपुर हेरिटेज का अध्यक्ष किसे बनाया जाए? हेरिटेज अध्यक्ष पद के लिए जिन नेताओं के नाम दौड़ में शामिल हैं उनमें कोई भी कभी भी संगठन में बड़ी भूमिका में नजर नहीं आए।
विधायक रफीक खान हुए दौड़ से बाहर।
पूर्व में जयपुर शहर हेरिटेज का अध्यक्ष बनने के लिए आदर्श नगर से कांग्रेस विधायक रफीक खान को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था और वो इसके लिए लगातार लॉबिंग भी कर रहे थे लेकिन सरकार की ओर से उन्हें अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाए जाने के बाद रफीक खान इस दौड़ से बाहर हो गए हैं। हालांकि उन्होंने अपने कई समर्थकों के नाम आगे कर रखें हैं।
नामों पर भी नहीं बन पा रही सहमति।
जयपुर हेरिटेज अध्यक्ष पद के लिए एक परेशानी यह भी है कि अध्यक्ष किसे बनाया जाए इसे लेकर भी नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास अपने समर्थक को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं तो वहीं महेश जोशी भी अपने समर्थकों के लिए जोर लगाए हुए हैं, विधायक अमीन कागजी और रफीक खान भी अपने किसी समर्थक को अध्यक्ष बनाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। ऐसे में नेताओं की आपसी खींचतान के चलते भी एक नाम पर आम सहमति नहीं बन पा रही है।
एक धड़े की मंशा जयपुर शहर में एक ही अध्यक्ष बनाया जाए।
दूसरी ओर जयपुर शहर कांग्रेस के एक धड़े की मंशा है कि जयपुर शहर में एक ही अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। दो अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी को कोई खास सफलता हाथ लगने वाली नहीं है, पार्टी के एक धड़े ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर भी जयपुर शहर में एक ही अध्यक्ष बनाए जाने की गुहार लगाई थी लेकिन प्रदेश नेतृत्व ने मामला पार्टी आलाकमान के पास होने के चलते इस मामले में पार्टी आलाकमान सही बात करने को कहा है।
जयपुर शहर में पहले भी अल्पसंख्यक वर्ग से रहे अध्यक्ष।
इससे पहले भी जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े नेताओं को अध्यक्ष बनाया जा चुका है। शाह इकरामुद्दीन और सलीम कागजी लंबे समय तक जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं।
ये अल्पसंख्यक चेहरे हैं हेरिटेज अध्यक्ष की दौड़ में।
बताया जाता है कि जयपुर हैरिटेज अध्यक्ष पद की दौड़ में जो चेहरे शामिल हैं उनमें जाकिर, राजू खान, मोहम्मद इकबाल, शब्बीर कारपेट, यूसुफ टांक, उमर दराज और आयशा सिद्दीकी का नाम शामिल हैं। इनमें जाकिर गुडएज और मोहम्मद इकबाल को मंत्री महेश जोशी का करीबी माना जाता है तो वहीं शब्बीर कारपेट का नाम विधायक रफीक खान ने आगे बढ़ाया हुआ है।

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