अब जागे शिक्षा विभाग ने जातिगत भेदभाव पर अंकुश लगाने के जिला शिक्षाधिकारियों को भेजा पत्र।

बीकानेर ब्यूरो रिपोर्ट।
जालोर जिले के सुराणा गांव में एक स्कूल में अध्यापक के पीटने से दलित छात्र की मौत होने के मामले में अब 
शिक्षा विभाग ने जातिगत भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजा है। जालोर की घटना का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से प्रसंज्ञान लेने के बाद शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। आयोग की ओर से दिल्ली में हुई बैठक के बाद सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुरूप शिक्षा विभाग ने पत्र भेजा है। इस पत्र में जिला शिक्षा अधिकारियों को क्षेत्राधिकार में आने वाली समस्त सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों अन्य कार्मिकों को एट्रोसिटी एक्ट की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्टाफ बैठक, संगोष्ठी आदि का आयोजन करते इस संबंध में जानकारी देने के निर्देश भी दिए हैं। भेजे गए पत्र में जिन जिलों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा देखने को मिली हैं, वहां मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को विशेष अभियान चलाकर ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही जातिगत भेदभाव संबंधी शिकायत प्राप्त मिलने पर दोषी के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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