महिला समानता दिवस की पांच दिवसीय प्रदर्शनी का मुख्य सचिव ने जेकेके में किया उद्घाटन।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की पांच दिवसीय प्रदर्शनी का जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम में दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। इसी के साथ ‘‘महिला समानता दिवस’’ के अवसर पर ग्रामीण विकास एव पंचायती राज विभाग एवं राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय समारोहों की शृंखला का भी आगाज हो गया है। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया, उत्पादों के सम्बन्ध में जानकारी ली एवं समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनका हौसला बढाया। 
विभिन्न उत्पादों की कलात्मकता से अभिभूत शर्मा ने अधिकारियों को इन समूहों की महिलाओं के नियमित प्रशिक्षण, उनके उत्पादों की ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बिक्री में उनकी सहायता और इन समूहों को आंगनबाड़ी से जोड़ने जैसे कई निर्देश प्रदान किए। विभाग की प्रमुख शासन सचिव अपर्णा अरोरा एवं राजीविका की राज्य मिशन निदेशक एवं ग्रामीण विकास सचिव मंजू राजपाल ने मुख्य सचिव को बताया कि जल्द ही राजीविका द्वारा अमेजॉन ऑनलाइन प्लेटफार्म से महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए एमओयू किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने स्वयं सहायता समूह के कई उत्पादों को कार्पोरेट गिफ्ट के रूप में बढावा देने की संभावनाएं देखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सोलर लाइट, आकर्षक फाइल कवर, पेंटिंग, साबुन मेकिंग, गुलाब उत्पाद, उजाला मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी सहित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी 27 अगस्त तक प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे खुली रहेगी।  प्रदर्शनी में राज्य के विभिन्न जिलों से एवं छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखण्ड से आये स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा विभिन्न हस्तशिल्प और हस्तकरघा उत्पादों के करीब डेढ सौ स्टॉल लगाए गए हैं।
आज के कार्यक्रम।
महिला समानता दिवस कार्यक्रमों की शृंखला में दूसरे दिन बुधवार को दुर्गापुरा स्थित कृषि प्रबन्ध संस्थान में सामाजिक तथा राजकीय प्रयासों से ‘‘वर्ष 2025 तक सम्पूर्ण महिला समानता’’ का लक्ष्य अर्जित करने के सम्बन्ध में महिला जन संगठनों के साथ परिचर्चा का आयोजन होगा। इसमें महिलाओं के हिंसा से संरक्षण व न्यायिक निदान, वंचित समूहों की चुनौतियां, प्राकृतिक संसाधनों से आजीविका आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी।

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