श्रीकृष्ण के विराट रूप का बाल कलाकारों ने किया सजीव मंचन।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व ‘सदगति आलौकिक है। वे दिव्य, विराट हैं और देवीय संपदाओं से सुसज्जित हैं। अपनी सरल व अद्भुत लीलाओं से उन्होंने विश्व को जो अमूल्य ज्ञान दिया, उसे शब्दों में बयां करना असंभव है। द्वापर युग के सर्वश्रेष्ठ युगावतार श्रीकृष्ण को महान दार्शनिक के रूप में भी जाना जाता है। भामाशाह सेठ सुशील कुमार बिहाणी ऑडिटोरियम में मंचित की गई तीन दिवसीय श्रीकृष्ण लीला में बिहाणी चिल्ड्रन्स एकेडमी के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के विराट व्यक्तित्व को अपने अभिनय से दिखाने का सराहनीय प्रयास श्रीगंगानगर की जनता के लिये सदैव अविस्मरणीय रहेगा। गत वर्ष भी बीसीए के विद्यार्थियों द्वारा अंग्रेजी भाषा में रामलीला का मंचन श्रीगंगानगर ही नहीं, पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा था। श्रीकृष्ण लीला के तीसरे और अंतिम दिन के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुसुमलता बिहाणी तथा सविता बिहाणी थीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक राजकुमार गौड़ तथा नगर परिषद सभापति करुणा चांडक ने कार्यक्रम में शिरकत की। तीसरे दिन कंस द्वारा अक्रूर को मथुरा भेजना, अक्रूर द्वारा श्रीकृष्ण को मथुरा लाना, श्रीकृष्ण और कंस के बीच कुश्ती, मथुरा में कंस के वध का जश्न, हस्तिनापुर में श्रीकृष्ण की शांति संधि तथा कुरुक्षेत्र का युद्ध और गीत उपदेश आदि प्रसंगों का मंचन किया गया।भगवान विष्णु के विराट रूप को देखकर सभी उपस्थित जन भक्ति से भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के अंत में सभी बाल कलाकारों ने महारास की मनमोहक प्रस्तुति दी। प्राचार्य दीपक पाठक व उप प्राचार्य नलिनी धींगड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में तीन दिन आयोजन के कॉर्डिनेटर्स, प्रोजेक्ट कन्वीनर और एक्टिविटी कॉर्डिनेटर्स को सम्मानित किया गया।
संस्कृति से जोड़े रखना बिहाणी ट्रस्ट की परम्परा-जयदीप बिहाणी।
इस अवसर पर सेठ जीएल बिहाणी सनातन धर्म शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष जयदीप बिहाणी ने कहा कि बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने के साथ-साथ हम उन्हें धर्म और संस्कृति से जोड़े रखेंगे तो हमारी प्रगति को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि मेरा दावा है कि बीसीए के बाल कलाकारों द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण लीला के सजीव मंचन का शहर की अन्य संस्थाएं अवश्य रूप से अनुसरण करेंगी। उन्होंने कहा कि सेठ जीएल बिहाणी संघ शिक्षा ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं हैं। यहां शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को उनके धर्म और संस्कृति से जोड़े रखने की दिशा में लगातार सकारात्मक प्रयास होते रहे हैं। बिहाणी शिक्षा ट्रस्ट ने अपने विद्यार्थियों को सदैव धर्म और संस्कृति से जोडक़र उनके संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहयोग किया है। 
अपने उद्देश्य में सफल रहा है बीसीए-गौड़।
विधायक राजकुमार गौड़ ने कहा कि बिहाणी शिक्षा ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनत् बच्चे आज भी अपनी संस्कृति से जुड़े हैं, यह बेहद गौरव की बात है।  गौड़ ने कहा कि भामाशाह सेठ सुशील कुमार बिहाणी के सपने बिहाणी चिल्ड्रन्स एकेडमी को मूर्त रूप देने में कई लोगों की मेहनत और सोच जुड़ी है। बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनका बौद्धिक और चारित्रिक विकास कर बिहाणी चिल्ड्रन्स एकेडमी अपने उद्देश्य में सफल रहा है। 
बिहाणी शिक्षा ट्रस्ट का नवाचार प्रशंसनीय करुणा चांडक।
नगर परिषद सभापति करुणा चांडक ने कहा कि श्री कृष्णलीला के प्रत्येक प्रसंग से हमें सुंदर संदेश मिलता है। इन्हें आत्मसात् करने से जीवन की सभी कठिनाइयां समाप्त होकर जीवन सुखी हो जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें बताता है कि मानव के जन्म लेते ही संघर्ष शुरू हो जाता है और जो मानव संघर्षों से मुकाबला करता है, उसका जीवन सफल हो जाता है। चांडक ने कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोडऩे के लिये बिहाणी शिक्षा ट्रस्ट का यह नवाचार बेहद अनूठा और प्रशंसनीय है। 
इस्कॉन के संतों ने बहाई भक्ति धारा।
यूट्यूब और फेसबुक पर लाइव प्रसारित हो रहा यह भव्य कार्यक्रम इतना प्रसिद्ध हुआ कि इसकी प्रशंसा सुनकर रुस से विशेष रुप से श्रीगंगानगर यात्रा पर आये इस्कॉन के संत कार्यक्रम में शामिल होने से खुद को रोक नहीं पाये। श्रीगंगानगर इस्कॉन डायरेक्टर भगवानदास प्रभु, करुणानित्यदास प्रभु, सतवतम्पति प्रभु, दीनदया दास प्रभु, रसलन प्रभु, आनंदलिका माता तथा अन्नादासी माता ने करीब आधे घंटे तक मधुर आवाज और विशेष वाद्य यंत्रों के अद्भुत संगम से पूरे ऑडिटोरियम में कृष्ण भक्ति की धारा प्रवाहित की। सभी संतों का सेठ जीएल बिहाणी सनातन धर्म शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष जयदीप बिहाणी ने स्वागत किया।
भजन मंडली ने बांधे रखा समां।
श्रीकृष्ण भक्ति रस में डूबे तीन दिवसीय कार्यक्रम में बीसीए के छोटे बच्चों की भजन मंडली ने अपने श्रीमुख से लगातार भक्ति धारा प्रवाहित की। अपनी सुरीली आवाज से ऑडिटोरियम में उपस्थित प्रत्येक दर्शक को साथ गुनगुनाने पर मजबूर करने वाली बच्चों की भजन मंडली की सभी ने प्रशंसा की। कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि तीन दिन के दौरान सभी भजन बच्चों की भजन मंडली द्वारा विभिन्न वाद्य यंत्रों के साथ लाइव गाये गये। कार्यक्रम में एक भी प्री-रिकॉर्डेड भजन का प्रयोग नहीं किया गया। 
अतिथियों ने की आयोजन की प्रशंसा।
कार्यक्रम में बिहाणी चिल्ड्रन्स एकेडमी प्रबंध समिति के सचिव नीरज बिहाणी, सेठ जीएल बिहाणी सध स्नातकोत्तर महाविद्यालय व विधि महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव विमल बिहाणी, उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव घनश्यामदास बिन्नानी, ट्रस्टी डॉ. कैलाश फ्लोर, श्याम कोठारी, फार्मेसी कॉलेज प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. नरेश पेड़ीवाल, आनंदीदेवी सारड़ा, रंजना बिहाणी, सुशीला फ्लोर, मोनिका बिहाणी, श्रुति बिहाणी आदि ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया। कार्यक्रम में बिहाणी शिक्षा ट्रस्ट के निदेशक  राजेन्द्र राठी, निदेशक (अकादमिक) डॉ. एमएल शर्मा, उप निदेशक (अकादमिक)  कमलजीत सिंह सूदन सहित बिहाणी शिक्षा ट्रस्ट द्वारा संचालित समस्त शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्य व स्टाफ सदस्य व अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सराहा। प्राचार्य दीपक पाठक व उप प्राचार्य नलिनी धींगड़ा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।  

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