'मृत्यु को मात देती औरतें' का विमोचन।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
साहित्यिक गतिविधियों से भरपूर गंगानगर में वामा लेखनी मंच और श्रीगंगानगर कला मंच के नाम रहा।इनके संयुक्त तत्वावधान में कवयित्री बीना जेसानी के हालिया प्रकाशित प्रथम काव्य संग्रह 'मृत्यु को मात देती औरतें' का विमोचन कार्यक्रम अरोड़ वंश पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर वामा लेखनी मंच की अध्यक्षा डॉ बबीता काजल ने अपनी वाक् रचनात्मकता के साथ समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया। तत्पश्चात सुषमा गुप्ता ने बीना जेसानी का परिचय देते हुए अभी तक की लेखन यात्रा के बारे में अवगत कराया। पत्र वाचक की सफल भूमिका निभाते हुए ममता आहूजा ने लेखिका के काव्य संग्रह को परिपक्वता की ओर धीरे धीरे बढ़ता कदम बताते हुए विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। पत्र वाचक की ही भूमिका में अरुण शर्मा ने टिप्पणी की कि एक नारी होते हुए दूसरी नारी के गलत आचरण पर लिखना, यह एक साहसी महिला ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि लेखिका अपनी रचनाओं के माध्यम से आम पाठकों को सहज भावनात्मक रूप से स्वयं से जोड़ती हैं। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो. रजनी शर्मा ने अपने वक्तव्य में वर्जिनिया वुल्फ का उदाहरण देते हुए कहा कि आजकल महिलाएं पहले से अधिक मुखर हुई हैं और लेखन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।विशिष्ट अतिथि के तौर पर ही हिन्दी प्रचारक समिति के अध्यक्ष जगीर चंद फरमा ने कहा कि बीना जेसानी के कविता संग्रह में नारी के हर रूप का वर्णन है। मुख्य अतिथि के रूप पधारे समाजसेवी विजय गोयल ने लेखिका को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये संग्रह केवल अलमारियों की शोभा न बढ़ाएं बल्कि इनमें समाज में कुछ बदलाव लाने का जज़्बा हो।समारोह की शोभा बढ़ाने वाले विशिष्ट अतिथियों तथा विमोचन में महती भूमिका अदा करने वाले पत्र वाचकों को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। अंत में गंगानगर कला मंच के अध्यक्ष मनीराम सेतिया ने सभी उपस्थित अतिथियों व साहित्य प्रेमियों का आभार प्रकट किया। गंगानगर कला मंच की सचिव व कार्यक्रम संयोजक ऋतु सिंह के मंच संचालन में संपन्न हुए इस विमोचन समारोह को सफल बनाने के लिए भूपेंद्र सिंह, ओपी वैश्य, सुरेंद्र सुन्दरम, डॉ कृष्ण कुमार आशु, मिथिलेश कुमारी, डॉ संदेश त्यागी, डॉ अरुण शहरिया, डॉ आशाराम भार्गव, मीनाक्षी आहूजा, बनवारी लाल शर्मा, ईश्वर जग्गा, सुरेश कनवाडिया, परमजीत कौर 'रीत', वीरेंद्र खुराना, राजू गोस्वामी, राजेश वेदी, बी एस चौहान, दीपक, डॉ राहुल अग्रवाल, बालकृष्ण लावा, नेहा अरोड़ा, पूनम सोनी, निष्ठा गुप्ता, सुशीला पेंसिया, कमलप्रीत बराड़, राकेश मितवा, रामचंद्र, राजकुमार मिड्डा आदि उपस्थित थे।

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