राजस्थान में कब तक मिलती रहेंगी पत्रकारों को धमकियां?

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
पिरियोडिकल प्रेस ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष एवं न्यू इंडिया खबर के एडिटर वरिष्ठ पत्रकार सन्नी आत्रेय को 27 अगस्त को दोपहर लगभग 3.30 बजे मोबाइल नंबर 9573619960 से धमकी भरा फोन आया। साथ उसके द्वारा भद्दी भद्दी गालियां भी दी गई। जब सन्नी आत्रेय ने पूछा की यह किस लहजे में बात कर रहे हो तो फिर उसने कहा कि रतन देवासी, (जो कि कांग्रेसी नेता और  पूर्व विधायक रानीवाड़ा)  का वीडियो खबर डिलीट कर वरना  घर में घुस कर मारूंगा। दरअसल मामला यह था कि माउंट आबू की एक होटल में साउंड में जयपुर के पिंक सिटी प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूर्व विधायक रतन देवासी पर शारीरिक संबंध बनाने व उसकी संपत्ति को खुर्द बुर्द करने का गंभीर आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लगाया था। जिसकी खबर ज्यादातर मीडिया में प्रकाशित हुई थी। न्यू इंडीया खबर ने भी यह खबर प्रमुखता के साथ अपने वेब पोर्टल और यूट्यूब चैनल पर चलाई थी जिसे जबरदस्त रिस्पांस मिला। यहां एक बात स्पष्ट कर दें की मीडिया एथिक्स का ध्यान रखते हुए न्यू इंडीया खबर ने रतन देवासी का वक्तव्य भी उसी खबर में प्रकाशित किया था। इसके बावजूद धमकी देने वाले जिसने अपना नाम जालम देवासी ,रतन देवासी का भाई होना बताया था ने दुबारा फोन कर अब तक खबर का वीडियो डिलीट नहीं किया तूने क्यों, कहते हुए फिर से गंदी गंदी गालियों के साथ धमकी जारी रखी।
वरिष्ठ पत्रकार सन्नी आत्रेय ने इस संबंध में थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है और पुलिस महानिदेशक राजस्थान एम.एल.लाठर से स्वयं मिलकर व शिकायत पत्र के जरिए सूचना दे दी है। लाठर ने पत्र पर अपनी टिप्पणी लिखकर संबंधित अधिकारी को प्रेषित कर दिया है। पीपीआई, पत्रकार संगठन पत्रकारों पर लगातार होते हमलों एवम मिल रही धमकियों के चलते  हमेशा से ही पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को पुरजोर तरीके से उठाती रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम भी पीपीआई संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व इस घटना संबंधी ज्ञापन जारी कर दिया है।

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