कोटा हुआ पानी-पानी, जिला कलक्टर ने ली बाढ़ बचाव एवं राहत कार्य की समीक्षा बैठक।

कोटा-हंसपाल यादव
जिला कलक्टर ओपी बुनकर की अध्यक्षता में अतिवृष्टि बचाव एवं राहत कार्य की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिसमें पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह शेखावत, ग्रामीण कावेन्द्र सिंह, एनडीआरएफ की डिप्टी कमाण्डेड योगेश कुमार सहित प्रशासनिक, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने कहा कि सभी विभाग आपदा की घड़ी में समन्वय से कार्य करते हुए पानी भराव वाले क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बनाये गए अस्थाई आश्रय स्थलों में पहुंचाने के साथ भोजन, आवास संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चम्बल नदी के आस-पास निचले क्षेत्रों में जो भी नागरिक निवास कर रहे हैं उन्हें समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाये जिससे चम्बल में पानी की अधिक आवक से जन-धन की हानि नहीं हो। उन्होंने सभी आश्रय स्थलों पर नियुक्त किए गए प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं नगर निगम व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम को क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर आश्रय स्थल पर आने वाले नागरिकों को समय पर भोजन आदि की व्यवस्था में समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निचली बस्तियों में नगर निगम मुनादी करवाकर लोगों को समय पर बाहर निकाले, एसडीआरएफ की टीम बोट के साथ हमेशा तत्पर रहे जिससे आकस्मिक स्थिति में किसी भी स्थान पर पहुंचा जा सके। जिला कलक्टर ने चम्बल में अधिक पानी की आवक से सकतपुरा एवं अकेलगढ़ जल शोधन सयंत्र के प्रभावित होने से शहर की पेयजल व्यवस्था में आए व्यवधान को दूर करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को बाढ़ एवं बचाव राहत कार्य से संबंधित आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता रखते हुए पूरी तैयारी के साथ कार्मिकों को उपस्थित रहने के लिए पाबंद करने के निर्देश दिए।  उन्होंने केईडीएल के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत तंत्र को जलस्तर नीचा होते ही समय पर बहाल करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतजनित घटनाओं को रोकने के लिए टीमों का गठन कर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा विभाग को सभी आश्रय स्थलों पर नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए टीम गठन के निर्देश दिए।
जल स्रोतों पर आवागमन प्रतिबन्धित।
जल स्रोतों एवं पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबन्धित करते हुए कोटा बैराज के सामानान्तर एवं नयापुरा की पुलियाओं पर भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी पिकनिक पॉइन्टों पर आम नागरिकों का आवागमन की पूरी तरह प्रतिबन्धित करते हुए अनावश्यक रूप से जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक शहर ने चम्बल नदी से प्रभावित क्षेत्रों में पानी भराव वाले स्थानों की जानकारी देकर समय पर रेस्क्यू करने एवं आश्रय स्थलों पर समुचित व्यवस्था करने का सुझाव दिया। उन्होंने जल स्रोतों व पिकनिक पॉइन्टों पर यातायात पर भी पूरी तरह प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश दिए। कोटा बैराज पर जाने वाले हर प्रकार के वाहनों का आवागमन भी बन्द करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने इटावा, सांगोद, सुल्तानपुर एवं रामगंजमण्डी क्षेत्र में जल भराव वाले स्थानों, प्रमुख मार्गों पर आ रहे पानी से प्रभावित यातायात के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झालावाड़ हाइवे पर दरा, सांगोद में उजाड़ नदी के आस-पास, आमझार पुलिया आदि पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। 
कोटा बैराज से 5 लाख क्यूसेक से अधिक निकासी।
अधीक्षण अभियंता जल संसाधन कोटा बैराज एडी अंसारी ने बताया कि गांधी सागर बांध में 1309.97 फीट जलस्तर है तथा 8 लाख 13 हजार 177 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। जिससे 4 लाख 54 हजार 848 क्यूसेक से अधिक पानी की निकासी की जा रही है। उन्होंने बताया कि गांधी सागर बांध के सभी 19 गेट खोल दिए गए हैं। जिससे कोटा बैराज का जलस्तर वर्तमान में 852 फीट बना हुआ है, 5 लाख 8 हजार 153 क्यूसेक पानी की 16 गेटों से निकासी की जा रही है। एनडीआरएफ के डीसी योगेश कुमार, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह, शहर बृजमोहन बैरवा, आयुक्त नगर निगम वासुदेव मालावत, राजपाल सिंह, सचिव यूआईटी राजेश जोशी, एएसपी सिटी प्रवीण जैन, मुख्यालय राजेश मील सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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