आज राहुल को मना लेंगे गहलोत!

प्रधान संपादक प्रवीण दत्ता की कलम से। 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हाल ही में बीमारी से ठीक हुए और उसके बाद से लगातार व्यस्त चल रहे हैं। प्रदेश की व्यस्तताओं के अलावा इन दिनों गुजरात की जिम्मेदारी और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर पुनर्जीवित करने की कवायद ने उनका एक स्थान पर रुकना मुहाल कर दिया है।
अभी कल तक वे प्रदेश के बड़े बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे तो तुरंत बाद केसी वेणुगोपाल के साथ गुजरात की नब्ज टटोलने पहुंच गए। वहां से निपटे तो सीधे दिल्ली रुख किया और पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। समझा जा रहा है कि इस मुलाकात में गुजरात पर ब्रीफिंग देने के अलावा गहलोत ने सोनिया गांधी को राहुल गांधी पर अध्यक्ष पद स्वीकार करने का दबाव बनाने का आग्रह किया। 
उल्लेखनीय है कि अभी हाल में ही गहलोत ने एक इंटरव्यू में राहुल गांधी के अध्यक्ष ना बनने पर पार्टी बिखरने का अंदेशा जताया था। सूत्रों के अनुसार अब राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो' यात्रा का पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया गया है और इसको लेकर लोगों में खासा उत्साह भी देखा जा रहा है। ऐसे इन अशोक गहलोत आज राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात आज ही इसलिए संभव थी क्योंकि इसके बाद राहुल गांधी का कार्यक्रम ख़ासा व्यस्त है। उनको एक दिन के गुजरात दौरे पर जाना है, दिल्ली में महंगाई रैली को संबोधित करना है तथा कुछ प्रदेशों के नेताओं से उनकी मुलाकात पहले से तय है। इस सब से इतर इस सब के बीच राहुल और प्रियंका अपनी माता सोनिया गांधी को इलाज के लिए विदेश भी जाने वाले हैं। सो आज की राहुल-गहलोत मुलाकात अहम है।
संभवतः इस मुलाकात में गहलोत राहुल को गुजरात के संभावित जीत के समीकरणों के साथ आने वाले समय में 'भारत जोड़ो' के अति संभावित प्रभाव को इंगित करते हुए अध्यक्ष पद के लिए मनाएंगे। उल्लेखनीय है कि सितंबर में कांग्रेस संगठन की चुनाव प्रक्रिया शुरू हो रही है। 
कुल मिलाकर यह पूरा घटनाक्रम अशोक गहलोत के लगातार बढ़ते कद और महत्व को दिखा रहे हैं। यह नहीं भूलना चाहिए कि गांधी परिवार से बाहर अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा स्वीकार्य नज़्म भी अशोक गहलोत का ही है। हॉलांकि वे खुद इस दौड़ में होने से स्पष्ट इंकार कर चुके हैं। लेकिन अंग्रेजी की यह कहावत नहीं भूलनी चाहिए - पॉलिटिक्स इज आर्ट ऑफ इम्पॉसिबल (राजनीति असंभव के चरितार्थ होने की कला है।)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack