विधायक मदन दिलावर से नाराज भाजपा के दो पार्षदों ने पार्टी से दिया इस्तीफा।

कोटा-हंसपाल यादव।
भारतीय जनता पार्टी के कोटा दक्षिण नगर निगम के दो पार्षदों ने विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पदों से इस्तीफा दे दिया हैं। दोनों पार्षद रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र से हैं। इन पार्षदों के पार्टी से इस्तीफा देने पर विधायक मदन दिलावर ने दोनों को भूमाफिया बता दिया। साथ ही कहा कि यह उल्टे धंधों में संलिप्त रहे हैं, अच्छा हुआ पार्टी से चले गए। मामले के अनुसार कोटा दक्षिण नगर निगम के वार्ड नंबर 29 के पार्षद धनराज गुर्जर चेची और वार्ड नंबर 7 से पार्षद सोनू भील ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दोनों ने आरोप लगाया है कि उनके वार्ड में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ हैं। इसी के चलते वे नाराज होकर इस्तीफा दे रहे हैं। दोनों ने विधायक मदन दिलावर पर आरोप लगाया है कि 4 साल से वे एमएलए हैं। लेकिन उनके वार्ड में कोई भी काम नहीं करवाया गया। हमारे प्रयासों से कोई निर्माण कार्य स्वीकृत करवाते हैं, तो उनमें भी क्षेत्रीय विधायक बाधा उत्पन्न कर देते हैं। इसी संबंध में एक बार जब उनके साथ कार्यकर्ताओं और हमने बातचीत की कोशिश की, तो उन्होंने हमारे पर एससी-एसटी एक्ट और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया। आरोप लगाया कि विधायक कार्यकर्ताओं पर ही मुकदमा दर्ज करवा देंगे। तब कार्यकर्ता विधायक पर कैसे विश्वास करेंगे और पार्टी का काम भी किस हैसियत से करेंगे। धनराज गुर्जर चेची शहर के गणेश नगर मंडल महामंत्री एवं पशुपालक प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक हैं। वहीं सोनू भील गणेश नगर मंडल महामंत्री हैं और उन पर एसटी मोर्चा की जिम्मेदारी हैं।दिलावर का कहना है कि मुझे तो खुशी है कि इस तरह के भू माफिया हमारी पार्टी को छोड़ कर चले गए हैं। जब उनसे पूछा गया कि टिकट भी आपने ही दिया था, तब दिलावर ने जवाब दिया कि हमारा दुर्भाग्य है कि हम इन लोगों को ठीक से नहीं पहचान पाए। हमारी गलती रह गई। उन्होंने पार्षद धनराज गुर्जर चेची पर आरोप लगाया वन विभाग की जमीन पर कॉलोनी काटी हुई है। पार्षद सोनू भील को उन्होंने चेची का चमचा बताया है और कहा है कि दोनों मिलकर पैसा खाते हैं।  इनके पार्टी छोडने से कोई नुकसान नहीं होगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack