करौली मे चंबल नदी उफान पर, मंत्री रमेश मीना ने प्रभावित इलाकों में पहुंच ली प्रभावितों की सुध।

मंडरायल-महेन्द्र पाल।
करौली जिले के मंडरायल उपखंड से होकर गुजर रही चंबल नदी उफान पर है। इधर पानी की भारी आवक को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। प्रशासन ने डूब के एरिया मे आ रहे गांवो के ग्रामीणों का रेस्क्यू कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। वही ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने डूब क्षेत्र के गांवों का दौरा कर प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।
दरअसल कोटा बैराज से मंगलवार को 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से प्रशासन सतर्क बना हुआ है। भारी पानी की आवक से मंडरायल क्षेत्र के टोडीगांव , राचौली गाँव और कैमकच्छ गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारी जगह जगह एसडीआरएफ सिविल डिफेंस की टीम की मदद से लोगों को रेस्क्यू करने में जुटे हुए हैं। लेकिन केमकच्छ गांव के ग्रामीणों ने बाहर आने से मना कर दिया। इसी प्रकार टोडीगांव के लोगों को प्रशासन समझाइश कर बाहर निकालने में जुटा हुआ है। टोडीगांव से लगभग 25 लोगों को अभी तक बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। तहसीलदार महेंद्र गुप्ता ने बताया कि टोडी गाँव से अबतक 25 लोगों को बाहर निकाला गया है। क्योंकि कोटा बैराज से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से गांव टापू बन चुके है। वही चंबल नदी में कुल 6 लाख क्यूसेक पानी और आने की सभावनी है। जिससे मुसीबत और भी ज्यादा बढ़ सकती है।
जिस वजह से लोगों को सचेत किया जा रहा है और किसी भी प्रकार से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। वहीं राचौली गांव में एसडीएम प्रदीप चौपाल निगरानी बनाए रखे हुए हैं और लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है कोई आवश्यकता पड़ी तो मेडिकल सुविधाएं भी समय पर लोगों को उपलब्ध कराई जाएंगी। पांचौली पंचायत के वर्रेड गाँव में लोगों के ठहरने और खाने की व्यवस्था की गई है। विकास अधिकारी विजय सिह मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच कान्ता मीणा, पटवारी गिरदावर सचिव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी टोडी गाँव मे लोगों को निकालने के लिए डेरा डाले हुए है।
पंचायती मंत्री ने डूब क्षेत्र के इलाकों का लिया जायजा।
इधर प्रदेश में हो रही अच्छी बारिश के चलते कोटा बैराज से चम्बल नदी में पानी छोड़ा गया है। जिससे मंडरायल और करणपुर क्षेत्र में चंबल नदी उफान पर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री रमेश मीना ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और लोगो को किसी भी प्रकार की समस्या नही हो इसके लिए जिला कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम प्रभावित क्षेत्र के रेस्क्यू में जुट गई है। मंत्री ने सबसे ज्यादा प्रभावित गांव चम्बल राजघाट टोडी, कसेड सहित कई गांव की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। मंत्री ने गांववासियों के बीच पहुंच कर उन्हें हर प्रकार की मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए।

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