रात्रि में राहगीरों से मारपीट व लूटपाट करने वाली गैंग का खुलासा, पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार, दो बाल अपचारी किये डिटेन।

डूंगरपुर-प्रवेश जैन।
डूंगरपुर जिले की बिछीवाडा थाना पुलिस ने रात्रि में हाइवे पर राहगीरों से मारपीट व लूटपाट करने वाली गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है वही दो बाल अपचारी को डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों से लूटी गई बाइक, नगदी व मोबाइल को भी बरामद किया है। आरोपियों ने क्षेत्र में चार वारदातों को करना कबूल किया है। डूंगरपुर जिले की बिछीवाडा थाने ने थानाधिकारी रणजीत सिंह ने बताया की नवलश्याम निवासी व्यापारी उज्ज्वल कुमार पिता सुरेश कुमार ने 18 जुलाई को एक रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में उज्ज्वल कुमार ने बताया था की 17 जुलाई की रात को वह बिछीवाडा में अपनी दूकान को बंद करके बाइक पर अपने गाँव नवलश्याम लौट रहा था। इस दौरान बालदिया गाँव के पास अज्ञात युवक बाइक लेकर आये और उसकी बाइक को रुकवा ली। वही उससे मारपीट करने के बाद 40 हजार की नगदी व मोबाइल लूट कर फरार हो गए।थानाधिकारी रणजीत सिंह ने बताया की पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। वही थाने की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने अपनी जांच शुरू की इस दौरान बीती रात को कनबई से हाइवे पर आने वाले मार्ग पर एक ब्रिज के नीचे 3 युवक दिखाई दिए। जिस पर पुलिस ने उन 3 युवको को डिटेन किया और थाने लेकर आई। पुलिस ने युवको से पूछताछ की तो युवको ने रात्री के समय में राहगीरों से मारपीट व लूटपाट की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया। जिसमे 17 जुलाई को बालदिया वाली लूट की वारदात को करना भी कबूल किया। जिस पर पुलिस ने उदयपुर जिले के सरेरा फला निवासी संजय पिता बाबूलाल अहारी को गिरफ्तार किया। वही उसके दो साथी बाल अपचारियो को डिटेन किया।
ये वारदातें करना भी कबूला।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने 18 जून को शिशोद पुलिया के पास एक बाइक सवार से एक बेग, पर्स, मोबाइल व 10 हजार की राशी लूटी थी। 19 जून को सेरावाडा पुलिए के पास बाइक सवार दो युवको से एक बाइक, 5 हजार की नगदी व मोबाइल लूटा था। इधर इसके बाद 21 जून को मोदर नदी पुलिया पर बाइक सवार से मोबाईल, चांदी की चेन व 7 हजार की नगदी लूटने की वारदात को अंजाम दिया। वही 17 जुलाई को बोखला रिजवा घाटी में बाइक सवार से मोबाइल व राशी लूटी थी।
मौज-शौक पूरा करने के लिए बन गए लूटेरे।
पुलिस ने पूछताछ में ये भी पता चला की छोटी छोटी उम्र में अपने शोक व मौज को पूरा करने के लिए ये लूटेरे बन गए है। थानाधिकारी ने बताया की पकडे गए बदमाश मोबाइल का खर्च, बाइक के लिए पेट्रोल का खर्च, शराब व अन्य शोक पूरा करने के लिए अपने घरो से योजना बनाकर निकलते थे और हाइवे पर आकर सुनसान रास्तो पर अकेले बाइक सवारों को अपना निशाना बनाते थे।

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