कालीसिंध और चंबल उफान के आने के बाद बिगड़े हालात, राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी।

बारां-हंसपाल यादव।
कालीसिंध, चम्बल नदी पर पानी का उफान आने से वही दोनो नदियों मे बने बांधो के गेट खोलने से कालीसिंध नदी से मिलने वाली सीसवाली खाडी नदी मे भी उफान आ गया। जिससे निचली बस्तियां कालूपुरा, भैरूपुरा, मदारपुरा, गुलाबपुरा, हरिजन बस्ती,घांसभैरव मौहल्ला, रामदेव मौहल्ला, मुस्लिम बस्ती आदी बस्तियां जलमग्न हो गई।वही कई लोग मकानो मे ही फंसे रहे। सैकडो लोगो के आशीयाने धराशायी हो गये। एसडीआरएफ की टीम के इंचार्ज बद्रीलाल के नेतृत्व मे सर्च आपरेशन कर 28 महिला पुरूष व बच्चो सहित एक 32 दिन की नवजात को मां के साथ निकाल कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। 
24 घन्टे मन्दिर के शिखर पर बैठे रहे।
सीसवाली कस्बे की नदी में तीन दिन से लगातार हो पानी की आवक होने से लोग मकानो व अन्य जगहो पर फंसे रहे। वही गुलाबपुरा मे नदी किनारे अपने खेत पर बने मन्दिर मे एक महिला सहित तीन व्यक्ति 24 घण्टे से मन्दिर के ऊपर बने मन्दिर के शिखर पर बैठे रहे। जिनको एसडीआरएफ की टीम द्वारा बाहर निकाला गया।
जिला कलेक्टर एसपी ने लिया जायजा।
बारांं जिला कलेक्टर नरेन्द्र गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा सीसवाली कस्बे मे पहुच कर बाढग्रस्त बस्तियों मे घुमकर हालातो का जायजा लिया। उन्होंने बाढग़्रस्त लोगो के हालात जाने। वही बाढग्रस्त लोगो के लिए बन रहे खाने के पेकेटो को पुलिस थाने पर बैठकर चखा  गुणवत्ता जानी।
राजे ने बाढग़्रस्त इलाकों का किया हवाई सर्वे।
सीसवाली कस्बे मे तीन दिन से लगातार लोग बाढग़्रस्त होने पर पुर्व मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे ने बाढ़ ग्रस्त सीसवाली, पाटून्दा,बालदडा आदि इलाको का  हवाई सर्वे कर इलाको का जायजा लिया। पूर्व जिला संगठन महामंत्री रामशंकर वैष्णव ने राजे को दूरभाष पर बाढ के हालातो के बारे मे जानकारी दी। नदी पार बाढग्रस्त इलाको मे एसडीआरएफ टीम के साथ भोजन पेकेट बाटे गए।

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