पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर वकील ने की आत्महत्या, घटना के विरोध में घड़साना बाजार बंद।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर के बार संघ घड़साना के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ द्वारा अपने निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला लगातार तुल पकड़ता जा रहा है।आत्महत्या करने के मामले में उनकी पत्नी कांता रानी द्वारा पुलिस थाना नई मंडी घड़साना में परिवाद पर थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध धारा 306, 34 अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। वहीं बार एसोसिएशन घड़साना द्वारा मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में विभिन्न मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया। शव को उनके निवास पर डी फ्रिज में सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस थाना, नई मंडी घड़साना में दिए गए परिवाद में कांता रानी ने बताया कि उनके पति एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ द्वारा जनसहयोग से क्षेत्र में नशे के विरुद्ध 31 मार्च, 2022 से चलाए जा रहे अभियान को बंद करने के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उन पर दबाव बनाने लगे और रंजिश रखने लगे। इसी क्रम में 18 अप्रैल, 2022 को देर रात को एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ को पुलिस द्वारा जबरदस्ती थाने में ले जाकर पूरी रात बुरी तरह से मारपीट की गई। इस संबंध में एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ द्वारा पुलिस थाना नई मंडी घड़साना में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 157/2022 पुलिस थाना के कमल मीणा स.उ.नि., जगमोहन कानि., कल्पना उप.नि., बंशीलाल रीडर, मदन लाल बिश्नोई पुलिस निरीक्षक एवं एक अन्य स.उ. नि. सहित मध्य रात को तैनात 50-60 आरएसी कर्मियों के विरुद्ध दर्ज करवाई गई थी। लेकिन इस मुकदमे में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जबकि, सभी उच्चाधिकारियों को एडवोकेट विजय सिंह झोरड़, बार संघों एवं बार काउंसिल ऑफ राजस्थान द्वारा इस आशय के ज्ञापन भी दिए गए। उधर, पुलिस ने नशे का अवैध कारोबार करने वाले लोगों में से एक व्यक्ति से प्रार्थना पत्र लेकर एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ एवं अन्य के विरुद्ध एक झूठी प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 148/2022 दर्ज की। एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ ने अपने परिवार को काफी बार बताया कि पुलिस थाना के आरोपी पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें धमकी दी जा रही है कि उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे में राजीनामा नहीं करने पर आपके साथ पहले की तरह ही पुनः मारपीट करेंगे और एनडीपीएस के झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। ऐसी धमकियों से एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ परेशान रहने लगे और उन्होंने झूठे मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई हेतु पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र लिखा, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रार्थिया ने बताया कि उनके पति गत तीन-चार दिन से काफी परेशान थे और खाना पीना भी नहीं कर रहे थे। पुलिस की धमकियों से परेशान होकर उन्होंने घर की छत पर लोहे की सीढ़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। प्रार्थिया ने परिवाद में उपरोक्त वर्णित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पर पुलिस थाना, नई मंडी घड़साना में आरोपियों के विरुद्ध धारा 306,34 आइपीसी में एफआईआर दर्ज कर जांच पुलिस थाना अनूपगढ़ के थाना प्रभारी फूलचंद शर्मा को सुपुर्द की गई है। दूसरी ओर, बार एसोसिएशन, घड़साना द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायसिंहनगर के मार्फत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजे ज्ञापन में इस घटनाक्रम पर रोष जताया गया है। बार एसोसिएशन ने एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ के परिवार को मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपए दिए जाने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, पुलिस थाना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ द्वारा दर्ज करवाई गई एफआईआर संख्या 157/2022 के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने और एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले आरोपी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की मांग उठाई है। उधर, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर एवं अधीनस्थ न्यायालयों में आज कार्य बहिष्कार की घोषणा की गई।कस्बे में इस मामले को लेकर मुख्य मार्गों पर आक्रोशित नागरिकों द्वारा पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया गया। विधानसभा अनूपगढ़ के पूर्व विधायक कॉमरेड पवन दुग्गल ने पुलिस थाना में एकत्रित आमजन को सम्बोधित करते हुए इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और क्षेत्र के चर्चित किसान आंदोलन के संदर्भ में कहा कि अब पुलिस गोलियों से नहीं हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मार रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन के पास केवल आज तक का समय है। मांगे नहीं माने जाने की सूरत में कल इस मामले में न्याय की मांग पर आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर अनूपगढ़ विधायक संतोष बावरी सहित कई राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्तागण एवं नागरिक उपस्थित थे।

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