बाढ़ में बेघर हुए लोग, भाजपा नेता राजावत ने किया थाने का घेराव।

कोटा-हंसपाल यादव।
कैथून में भारी बाढ़ के बाद फंसे हुए लोगों तक राहत नहीं पहुंचने से नाराज पूर्व संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत ने बाढ़ से बेघर हुए सैंकड़ों लोगों को लेकर 2 घण्टे तक कैथून थाने का घेराव किया। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार हुई मूसलाधार बरसात और बाढ़ की पूर्व तैयारी में फेल हुआ कोटा जिला प्रशासन अब पीड़ित लोगों को राहत देने में भी पूर्णतया विफल रहा है। हालात यह हैं कि कैथून कस्बा और आस पास के कई गांव टापू बने हुए हैं। जहां सैंकड़ों लोग छतों पर फंसे हुए प्रशासन की सहायता की बाट जोहते रहे और प्रशासन ने थोड़ी सी पूडियां बांटकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। नतीजा यह हुआ कि हजारों लोगों को भूखा ही सोना पड़ा। राजावत ने मौके पर ही खाना मंगवाया और भूखे लोगों को थाने में ही खाना खिलवाया। इसके बाद मौके पर पहुंचे उपखण्ड अधिकारी दीपक मित्तल को राजावत ने लोगों की दुर्दशा से अवगत करवाया और उनसे मांग की कि लोगों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार से करवाई जाये। वहीं दर दर भटकने को विवश हुए गाडिया लुहार परिवारों को सांगोद रोड़ पर खाली पड़ी सिवाय चक भूमि पर बसाया जाये। उपखण्ड अधिकारी मित्तल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पानी उतरते ही नुकसान का पूरा सर्वे करवाकर जल्द से जल्द मुआवजा दिलवाया जायेगा। कैथून से राजावत से सीधे खेड़ा ग्राम पंचायत के ग्राम आरामपुरा पहुंच गये। जहां 8-8 फीट पानी भरा हुआ था, वहां भी कोटा कैथून रोड़ से खेड़ा रसूलपुर को जोड़ने वाली रियासतकालीन पुलिया जर्जर हालत में पहुंच चुकी थी। जिसे पार कर राजावत प्रभावित लोगों के बीच जा पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इस पुलिया का भी शीघ्र ही पुनर्निर्माण करवाया जाये अन्यथा चन्द्रलोही नदी के प्रवाह में यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य सोनू नागर, किसान मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री महावीर सुमन, बजरंग दल के बृजमोहन राठौर, सतीश भारद्वाज, पूर्व सरपंच हरीश कुशवाहा, ताथेड़ मण्डल महामंत्री गौरव मेहरा, धनराज अजमेरा आदि भी राजावत के साथ थे।

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