विवेकाधिकार और व्यावहारिक ज्ञान से करें राजस्व के लम्बित प्रकरणों का निस्तारण-मंत्री रामलाल।

श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने जिला कलेक्ट्रेट में बैठक लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवेकाधिकार और व्यावहारिक ज्ञान से राजस्व के लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया जाए। मौके पर विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुसार कार्य किए जाएं ताकि आमजन को अधिक से अधिक राहत मिल सके।राजस्व न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित अवधि में करने के निर्देश देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि अधिकारी उन गांवों को चिन्हित करें, जहां अधिक प्रकरण हैं। 
इन प्रकरणों में दोनों पक्षों से सहमति बनाकर पुराने प्रकरणों को निस्तारित करने के प्रयास किए जाएं। बंटवारा, खातेदारी, रास्ता विवाद, खेत रास्ता विवाद, गैर खातेदारी से खातेदारी सहित अन्य प्रकरणों में जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए संबंधित पक्षों को राहत देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से राजस्व अधिकारियों की बैठक ली जाए। इन बैठकों में निरन्तर ऐसे प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि लम्बित प्रकरणों में अगर कोई संशोधन आवश्यक हो तो जिला स्तर से प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएं। प्रशासन शहरों व गांवों के संग अभियान के दौरान वितरित पट्टों के लिए जिला प्रशासन की सराहना करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया को नियमित रखें ताकि आमजन को मालिकाना हक मिल सके। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हड्डारोडी विवाद निस्तारण के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करने की आवश्यकता जताते हुए उन्होंने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों का निस्तारण भी निर्धारित समय अवधि में सुनिश्चित किया जाए। उन्होेंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा है कि किसानों के साथ-साथ आमजन की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण तरीके से हल हो, इसके सभी मिलकर प्रयास करें।कस्टोडियन, आपसी सहमति से खाता विभाजन, रास्ता, मजरे-ढाणियों के नवीन राजस्व ग्राम, सीमाज्ञान एवं पत्थरगढी, आबादी विस्तार हेतु भूमि आवंटन-आरक्षण, नामांतरण, ऑनलाईन नामांतरणों की समीक्षा, संपरिवर्तन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए राजस्व मंत्री ने बजट घोषणा 2022-23  के अन्तर्गत जिले में विभिन्न राजकीय विभागों को भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन प्रकरण में तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।रास्ता विवाद प्रकरण में उन्होंने निर्देशित किया कि संबंधित एसडीएम यह सुनिश्चित करे कि तहसीलदार द्वारा मौका मुआयना किया जाए और तहसीलदार ऐसे प्रकरणों में मौका रिपोर्ट बनाते समय निर्णय प्राथमिकता के आधार पर करना सुनिश्चित करें। इस पर भू-प्रबन्ध आयुक्त राजेन्द्र विजय ने निर्धारित गाइडलाइन बनाने की आवश्यकता जताई ताकि संबंधित अधिकारी उसी अनुसार कार्यवाही कर सकें। डीआईएलआरएमपी के तहत सर्वे-रि सर्वे अभियान की जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि इस कार्यवाही में अधिकाधिक संख्या में जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इस अवसर पर अनूपगढ एसडीएम प्रियंका पिलानिया ने क्षेत्र की ग्राम पंचायत 10 के में हुए सर्वे और इस दौरान आई समस्याओं की जानकारी दी। मौके पर राजस्व मंत्री ने पैतृक कृषि भूमि के तहत खातेदारों के मध्य भूमि विभाजन, लम्बित राजस्व प्रकरणों का समझौता समझाइश से करने और जनसुनवाई प्रकरणों में शीघ्रतापूर्वक कार्यवाही के निर्देश देते हुए धारा 91 के प्रकरणों, सरकारी भूमियों में निजी खातेदार द्वारा सिंचाई हेतु खोदे गए कुओं का नियमन और प्रशासन गांवों के संग अभियान के फॉलोअप शिविरों में लम्बित राजस्व प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा भी की।

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