संकटकाल में सामूहिक अवकाश एवं कार्य बहिष्कार का निर्णय दुखद- पशु चिकित्सक संघ।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान पशु चिकित्सक संघ (आरवीए) के अध्यक्ष डॉ. रजनीश गुप्ता ने संकटकाल में पशु चिकित्साकर्मियों के सामूहिक अवकाश एवं कार्य बहिष्कार के निर्णय को दु:खद और अनुचित बताया है। उन्होंने पशु चिकित्सकों से आग्रह करते हुए कहा कि वह दोगुनी क्षमता से कार्य कर पशुधन और पशुपालकों को राहत पहुंचाने का सर्वोत्तम प्रयास करें। डॉ. गुप्ता ने कहा कि देश के 16 राज्यों सहित अधिकांश राजस्थान अपूर्व दुर्गम परिस्थिति का सामना कर रहा है। लंपी स्किन डिजीज ने पशुधन विशेषत: गोवंश को प्रभावित किया है और यह रोग दिन प्रतिदिन अपना विस्तार कर रहा है। पशुपालक और पशुधन खतरे में है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा कर्मियों का अस्तित्व पशुधन और पशुपालकों से ही है। इस विकट काल में हमसे अपना श्रेष्ठतम प्रयास करने की अपेक्षा है। इसी भावना के अनुरूप सभी पशु चिकित्सक नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर्म में तत्पर हैं और भविष्य में भी इसी प्रकार अपने कर्तव्य पालन के लिए उद्धत रहेंगे। डॉ. रजनीश गुप्ता ने कहा कि पशु चिकित्सा सहायक, पशुधन सहायक कर्मियों द्वारा इस विपदा को अपने भौतिक स्वार्थों की पूर्ति का माध्यम बनाकर सामूहिक अवकाश एवं कार्य बहिष्कार का निर्णय करना दु:खद और अनुचित है। विशेषतः संकटकाल में इस प्रकार का निर्णय नितांत निंदनीय और अमानवीय है।

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