हाईकोर्ट ने रायपुर अहीरान के जौहड़ी में बने आवासीय भवनों को तोड़ने पर लगाई रोक।


जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश महेंद्र कुमार गोयल ने बुहाना तहसील के गांव रामपुर अहीरान के जोहड़ में बने रिहायशी घरों को जिला प्रशासन द्वारा तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश पारित किया। रिट याचिका 33 प्रार्थी अमर सिंह व अन्य द्वारा दायर की गई। याचिकाकर्ताओं की और से पैरवी अधिवक्ता मोहित बलवदा व भावना चौधरी ने की। मोहित बलवदा का तर्क था कि याचिकाकर्ता इस जोहड़ की भूमि पर पिछले लगभग 40-50 वर्षों से पक्के रिहायशी मकानों में रह रहे हैं।मोहित बलवदा का यह भी तर्क था याचिकाकर्ताओं ने अपने घरों में विधुत कनेक्सन भी ले रखें है। मोहित बलवदा का तर्क था कि तहसीलदार बुहाना द्वारा तैयार सर्वे निरीक्षण रिपोर्ट अनुसार यहां बहुत पुराना निर्माण हैं एवं राज्य सरकार द्वारा सड़कों का निर्माण कराया गया है। मोहित बलवदा का तर्क था कि उक्त भूखंडों में बसे हुए अधिकतर लोग भूमिहीन वर्ग से भी हैं व अधिकतर के पास ग्राम पंचायत द्वारा आवासीय आवंटित भूखण्ड के पट्टे जारी किए गए हैं। बलवदा ने तर्क दिया कि राज्य सरकार द्वारा समय समय पर इस प्रकार के आवासीय भवनों को नहीं तोड़ने के दिशा निर्देश पारित किए गए हैं। न्यायाधीश ने अप्राथीगण को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ताओं के आवासीय भवनों को नहीं तोड़ने का आदेश पारित किया।

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