कांग्रेस सरकार के समय जब भी कोई आपदा आती है तो बयान, निर्देश और दौरों से आगे कुछ नहीं होता-वसुंधरा राजे।

झालावाड़ ब्यूरो रिपोर्ट।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने झालावाड़, भीलवाड़ा और बूंदी जिले में हवाई सर्वे किया। इससे पूर्व वे झालावाड़ में बाढ़ प्रभावित लोगों से भी मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जब भी कोई आपदा आती है, बयान, निर्देश और दौरों से आगे कुछ नहीं होता। गत वर्ष बाढ़ में जो ख़राबा हुआ वह इसका प्रमाण है। प्रदेश के कई लोगों को गत वर्ष बाढ़ में हुए नुक़सान का अब तक भी मुआवज़ा नहीं मिला। किसान बाढ़ में पिछले साल हुई फसलों की तबाही अभी भूल भी नहीं थे कि फिर ख़रीफ़ की कई फसलों में भारी बर्बादी ने उन्हें रुला दिया। उनके साथ उनके पुत्र और सांसद दुष्यंत सिंह भी थे। पूर्व सीएम राजे ने कहा है कि किसी भी पीड़ित के आंसू तत्काल पोंछे जाते न कि सालों बाद। जबकि यह सरकार तो समय निकल जाने के बाद भी पीड़ित के आंसू नहीं पोंछती।अगर ज़रूरत के वक्त मदद नहीं कर पाये तो वह कैसी सरकार। किसी भी नुक़सान का समय पर मुआवज़ा नहीं मिले तो उसका उस व्यक्ति के लिए कोई विशेष औचित्य नहीं रह जाता।हमारी सरकार के समय पर न केवल ख़राबे का तत्काल सर्वे किया जाता था,बल्कि निश्चित समय सीमा में मुआवज़ा दिया जाता था। पहले आपदा में 50 प्रतिशत के अधिक ख़राबे पर ही किसानों को मुआवज़ा मिलता था,लेकिन हमारी सरकार के समय प्रधानमंत्री से निवेदन कर हमने इस नियम को 33 प्रतिशत पर करवाया। उन्होंने कहा कि कई लोगों का गत वर्ष का सोयाबीन फसल बीमा क्लेम अभी भी बाक़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से माँग है कि ख़राबे का आँकलन करवा कर लोगों को तुरंत मुआवज़ा दिया जाए।

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