विद्यार्थियों को मातृभाषा में मिले प्रारम्भिक शिक्षा।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल की अध्यक्षता में यूनिसेफ और लैंग्वेज एवं लर्निंग फाउण्डेशन के सहयोग से बहुभाषी शिक्षा विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला यहां क्लार्क आमेर होटल में आयोजित हुई। भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय के निपुण भारत मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत बहुभाषी शिक्षा की व्यापक योजना पर विचार विमर्श हेतु यह राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि सीखने के स्तर में कमी का सबसे मुख्य कारण प्रारम्भिक कक्षाओं में बच्चों के साथ संवाद का तरीका व्यवहारिक नहीं होना है। अतः बच्चे प्रारम्भिक शिक्षा अपनी मातृ भाषा में ग्रहण कर सकें, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राजस्थान विविध सांस्कृतिक व सामाजिक विशिष्टताओं वाला प्रदेश है। इसको ध्यान में रखकर शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण किए जाने की आवश्यकता है। उन्होने संभागियों से कहा कि कार्यशाला में जो भी सीखें, उसका अनुसरण कार्यक्षेत्र में करें।परियोजना निदेशक (राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद) डॉ. मोहन लाल यादव ने बताया कि बच्चों के सीखने में भाषाई दृष्टि से आ रही चुनौतियों, विषमताओं और जटिलताओं का समाधान ढूंढने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होने कहा प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की शिक्षा में भाषा का समावेश उनके सामाजिक परिवेश में तारतम्यता स्थापित करने वाला होना चाहिए। इस अवसर पर लैंग्वेज एवं लर्निंग फाउण्डेशन, दिल्ली के निदेशक धीर झींगरन ने ‘‘शिक्षा में भाषा की भूमिका तथा घर की भाषा या परिचित भाषा में सीखने का महत्व’’ पर विस्तार से दृश्य श्रव्य क्लिप्स के माध्यम से प्रकाश डाला। कार्यशाला में प्रारम्भिक स्तर पर बच्चों को उनके घर की भाषा को सीखने-सीखाने की भाषा के रूप में इस्तेमाल करने के तरीकों पर परिचर्चा कर ठोस कार्ययोजना बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।निपुण भारत मिशन कार्यक्रम स्कूली शिक्षा में प्राथमिक शिक्षा से सम्बन्धित, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का हिस्सा है, जिसका संबंध शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने के लिए बच्चों के घर की परिचित भाषाओं को शिक्षा के बुनियादी स्तर पर शामिल करने की पेशकश की गई है। कार्यशाला में डॉ. मोटाराम भादू, उपनिदेशक गुणवत्ता शिक्षा ने निपुण भारत मिशन की गाइडलाइन के अनुसार आगामी वर्षों में राज्य व जिला स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक-प्रथम (राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद) मुरारी लाल शर्मा, यूनिसेफ दिल्ली की शिक्षा विशेषज्ञ सुनीषा आहूजा तथा अमृता सेनगुप्ता व विभिन्न जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, डाइट प्रधानाचार्य, निदेशक बीकानेर तथा आरएससीईआरटी, उदयपुर के अधिकारी उपस्थित रहे।

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