कृृषि मंत्री ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को लिखा पत्र,1 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 50 हजार मैट्रिक टन डीएपी की तत्काल आपूर्ति की मांग।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने केन्द्र सरकार से राज्य को स्वीकृत मांग अनुरूप सितम्बर माह में एक लाख मैट्रिक टन यूरिया एवं 50 हजार मैट्रिक टन डीएपी का अतिरिक्त आवंटन करवाकर तत्काल आपूर्ति करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस संबंध में केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर प्रदेश में किसानों की यूरिया एवं डीएपी की वर्तमान मांग से अवगत कराते हुए तत्काल आपूर्ति का अनुरोध किया है।कृृषि मंत्री कटारिया ने पत्र में बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्य को खरीफ-2022 के लिए 8.50 लाख मैट्रिक टन यूरिया एवं 4.40 लाख मैट्रिक टन डीएपी की मांग स्वीकृत की थी, जिसके तहत अगस्त एवं सितम्बर महीने में 3.52 लाख मैट्रिक टन यूरिया एवं 1.80 लाख मैट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति होना अपेक्षित था, लेकिन केन्द्रीय उर्वरक मंत्रालय की ओर से अब तक 2.56 लाख मैट्रिक टन यूरिया एवं 1.17 लाख मैट्रिक टन डीएपी ही आवंटित किया गया है। इस प्रकार स्वीकृत मांग के विरुद्ध 96 हजार मैट्रिक टन यूरिया एवं 43 हजार मैट्रिक टन डीएपी कम आवंटित की गई है, जिसकी वजह से काश्तकारों को मांग के अनुसार पर्याप्त यूरिया एवं डीएपी उपलब्ध कराने में परेशानी होने की आशंका है। कटारिया ने इस वर्ष राज्य में अच्छे मानसून के कारण खरीफ फसलों की हुई रिकॉर्ड बुवाई का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उर्वरकों की खपत में गत वर्ष की तुलना में अत्यधिक वृद्धि हुई है तथा राज्य में पिछले साल की तुलना में एक लाख मैट्रिक टन यूरिया एवं 19 हजार मैट्रिक टन डीएपी का स्टॉक कम है। साथ ही अच्छी वर्षा होने के कारण जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता के मध्यनजर रबी फसलों का क्षेत्रफल भी 112 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 116 लाख हेक्टेयर होना संभावित है। उन्होंने बताया कि सरसों और चना फसल की बुवाई 15 सितम्बर से शुरू हो जाएगी, जिससे यूरिया एवं डीएपी उर्वरक की अतिरिक्त मांग सृजित होगी। कृृषि मंत्री ने इन सब परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार से किसान हित में राज्य को सितम्बर माह में एक लाख मैट्रिक टन यूरिया एवं 50 हजार मैट्रिक टन डीएपी का अतिरिक्त आवंटन करवाकर तत्काल आपूर्ति करने का आग्रह किया है।

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