पहले 12 वर्षीय बालक का किया अपरहण, फिर की हत्या, पुलिस ने दो हत्यारों को किया डिटेन।

करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली शहर मे शनिवार शाम को हुए 12 वर्षीय बालक के अपहरण के बाद देर रात बालक का पांचना पुल के पास शव मिला है। जिससे इलाके मे सनसनी फैल गई। वहीं बालक के शव मिलने के बाद आक्रोशित समाज के लोग और भाजपाई जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। जिसके बाद पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने समझाईश कर धरना को समाप्त कराया। इधर पुलिस ने बालक का अपहरण करने वाले दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। दरअसल करौली शहर के गणेश गेट निवासी पप्पू हरिजन के पुत्र राहुल उर्फ गोलू का शनिवार शाम को अपहरण हो गया था। 
अपहरण के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी इधर मासलपुर चुंगी पुलिस चौकी के जवान ऋषिकेश मीणा ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपहरण करने वाले दो लोगों को डिटेन करते हुए कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। जहां पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने बच्चे का मर्डर कर शवको पांचना पुल के पास फेंकने की बात कबूली। जिसके बाद पुलिस ने मौके से  शव को कब्जे मे लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी मे रखवाया है।
समाज के लोग बैठे धरने पर।
इधर अपरहण हुए बालक का शव मिलने के बाद आक्रोशित समाज के लोग और भाजपा के जिलाध्यक्ष बृजलाल डिकोलिया, पदाधिकारी धीरेंद्र बैंसला, कैलाश शर्मा, सुरेश शुक्ला, मुकेश सालौत्री सहित परिजन अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी आरोप लगाए। वही पीड़ित परिजनों को 50 लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा, नौकरी देने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करने लगे। इसके बाद मौके पर पहुंचे अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.आर मीना, एसडीएम, थानाधिकारी उदयभान सिंह, पुलिस निरिक्षक दिनेश चन्द मीना ने धरना दे रहे लोगो से समझाईश की और सात दिन मे हत्या का खुलासा करने, उचित आर्थिक मुआवजा दिलवाने, और पीडित परिजन को रोजगार गारंटी के तहत नौकरी दिलवाने का अश्वासन दिया। जिसके बाद धरना दे रहे लोग मान गये और धरना समाप्त कर दिया। इस बीच पुलिस निरीक्षक दिनेश चंद मीणा की धरना समाप्त कराने में बड़ी पहली नजर आई। पुलिस निरीक्षक ने धरना दे रहे लोगों को प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हुए मुस्तैदी दिखाई और धरना को समाप्त करवाया। इससे पहले देर रात बालक के शव का पता लगाने में भी पुलिस निरीक्षक दिनेश चंद्र मीणा की अहम भूमिका रही थी।
दो-तीन दिन से घर में रूके हुए थे बालक के हत्यारे।
कोतवाली थाना अधिकारी उदयभान के अनुसार बालक का अपहरण करने वाले दोनो आरोपी दो-तीन दिन से बालक के घर पर ही रुके हुए थे। थाना अधिकारी ने बताया कि शनिवार देर शाम को बच्चे के अपरहण की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 1 घंटे के अंतराल में ही दोनो आरोपियों को मासलपुर चुंगी के पास से पकड़ लिया था और हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपियों ने बच्चे को किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपने की बात कही और पुलिस को गुमराह करते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि बच्चे का मर्डर कर शव पांचना पुल के पास फेंकने की बात स्वीकार की। जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। जहां पर चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाई जाएगी।

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