किसान सम्मेलन का हुआ आयोजन, सम्मेलन मे 15 सूत्रीय मांगों पर हुआ मंथन।

चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर श्री प्रताप फाउंडेशन की ओर से एक निजी वाटिका में विशाल जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी मात्रा में धरती का भगवान कहे जाने वाले किसान वर्ग भी मौजूद रहे।चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर रविवार को एक विशाल जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें किसान वर्ग की 15 सूत्रीय मांगों पर विचार विमर्श किया गया। इसके बारे में जानकारी देते हुए श्री प्रताप फाउंडेशन के संयोजक महावीर सरवड़ी ने बताया कि वर्तमान में किसान वर्ग कड़ी मेहनत के बावजूद दयनीय स्थिति में है। इसी को लेकर इस किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में 15 सूत्रीय मांगों जिसमें केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी कानून बनाया जाने, अफीम का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने के साथ तोल केंद्रों पर ही अफीम का परीक्षण कर परिणाम घोषित किया जाए,  अफीम उत्पादक कृषको को मार्फिन के आधार पर लाइसेंस देने की प्रक्रिया को बदलने,  समर्थन मूल्य पर सभी जिंसों की तुलाई प्रत्येक ग्राम सहकारी समिति के स्तर पर करवाने,  जिले में स्थित बांधों तालाबों और उन पर स्थित नहरों की मरम्मत शीघ्रता से करवाए जाने के साथ अतिवृष्टि जलभराव सहित अन्य व्याधियों से हुए फसल खराबे की समय पर गिरदावरी करवाकर किसानों को फसल खराबे का उचित मुआवजा दिलाए जाने सहित कई अन्य मांगों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को भी इस मांग पत्र से अवगत कराकर सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का निवेदन किया गया है।इस किसान सम्मेलन में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी,  पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, विधायक चित्तौड़गढ़ चंद्रभान सिंह आक्या, चित्तौड़गढ़ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन आई एम सेठिया, प्रताप फाउंडेशन के संयोजक महावीर सिंह सरवडी, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य रेवंत सिंह पाटोदा, ब्रजराज सिंह खारड़ा, जौहर स्मृति संस्थान के  तेजपाल सिंह,  हर्षवर्धन सिंह रुद सहित बड़ी संख्या में किसान वर्ग और आमजन मौजूद रहे

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