जवाई के पानी के बंटवारे को लेकर रार, 19 सितंबर को पाली बंद का आव्हान।

पाली-मनोज शर्मा।
जैसे जैसे जवाई बांध के गेज में प्रतिदिन बढोतरी हो रही है वैसे वैसे पानी के बंटवारे को लेकर खींचतान प्रारंभ हो गई है। एक ओर सेवा और संकल्प महासमिति जवाई बांध के पानी में से 4200 एमसीएफटी पानी पेयजल के लिए आरक्षित करने की मांग कर रही है। वहीं दूसरी ओर किसान संघर्ष समिति सुमेरपुर-आहोर जवाई कमाण्ड ने क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने एवं पेयजल संकट के स्थाई समाधान की मांग की मांग शुरू कर दी है। किसानों को सिंचाई के लिए जवाई बांध से पानी उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर सुमेरपुर से प्रारंभ हुई किसान पैदल यात्रा पाली पहुंची। इस जवाई जल पद यात्रा में शामिल हजारों किसानों ने कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर पेयजल समस्या का स्थाई समाधान करने के साथ जवाई बांध कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए उनके हक का पानी देने की मांग की पुरजोर शब्दों में मांग की।
कलक्ट्रेट के सामने सभा करने के बाद समिति के अध्यक्ष जयेन्द्रसिंह गलथनी के नेतृत्व में जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में मांग की गई कि रोहट क्षेत्र व पाली शहर को इन्दिरा गांधी नहर परियोजना से पानी उपलब्ध करवाया जाए, पाली जिले के जालोर के निकट के गांवों को नर्मदा पेयजल योजना से जोड़ा जा एवं जवाई बांध से सिरोही क्षेत्र के जोड़े गए नए गावों को हटाया जाए अर्थात इन्हे जवाई से पेयजलापूर्ति नहीं की जाए साथ ही जोधपुर-रोहट के बीच क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की स्वीकृति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और व कंटीजेंसी प्लान के तहत हैण्डपम्प व टयूबवेल निर्धारीत मापदण्ड से नहीं खोदे जाने की भी जांच करवाई जाए। गौरतलब है कि एक ओर किसान जवाई बांध से सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 
वहीं दूसरी ओर सेवा और संकल्प महासमिति जवाई बांध के पानी में से 4200 एमसीएफटी पानी पेयजल के लिए आरक्षित नहीं किए जाने पर 19 सितम्बर को पाली बन्द का आव्हान किया है। राजपुरोहित ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जब जवाई बांध में आज पर्याप्त पानी है तो पाली शहर को 3 दिन व गांवों को 5 दिन में बाधित सप्लाई क्यों दी जा रही है, पाली शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को अब 24 घण्टे की पेयजल सप्लाई सुनिश्चित की जावें तथा पानी की एक-एक बुन्द को तरस रही कच्ची बस्तीयों व सभी वर्गो की बस्तीयों की सप्लाई लाईनों में सुधार कर उन्हें नियमित पेयजल सप्लाई की जावे। जिले में गांवों तथा दूर-दराज ढाणियों में 24 घण्टे पेयजल सप्लाई देने की कार्यवाही अमल में लावे तथा किसान संघर्ष समिति की धमकियों को बचकाना हरकत बताते हुए कहा कि वो अपने निजी स्वार्थ के हित त्यागकर जनहित एवं पेयजल के परोपकार का सोंचे क्योंकि सुमेरपुर- तखतगढ़ क्षेत्र को भी पीने को पानी चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack