साईबर अपराध मुक्त राष्ट्र निर्माण, अभियान में 1975 विद्यार्थियों को किया जागरूक।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा माह सितम्बर 2022 में बिल्डिंग ए साईबर क्राईम फ्री नेशन अभियान चलाया जा रहा है। जिसके क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में ऑनलाईन माध्यम से जिला एवं तालुका के 07 विद्यालयों यथा रा.उ.मा.वि. सेक्टर नं. 12 हनुमानगढ़,प्रकाश मॉडल सी.सै. स्कूल पीलीबंगा, बी.एन. स्कूल संगरिया, रा.बा.उ.मा.वि. टिब्बी, नेताजी सुभाषचन्द्र उ.मा.वि. रावतसर, रा.उ.मा.वि. बडबिराना एवं गौरा देवी बालिका उ.मा.वि. भादरा में ऑनलाईन वर्चुअल माध्यम से शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 1975 विद्यार्थियों को ऑनलाईन बेबीनार के माध्यम से साईबर क्राईम तथा उससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में सचिव संदीप कौर द्वारा अभियान के बारे में बताते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के क्रिया कलापों, निःशुल्क विधिक सहायता, राजस्थान पीड़ित प्रतिकर, जनोपयोगी सेवाओं आदि के बारे में बताया गया। इसके साथ-साथ उक्त अभियान के तहत साईबर अपराधों की श्रेणियों के बारे में अवगत करवाते हुए नेशनल साईबर क्राईम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में बताया गया एवं अवगत करवाया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई साईबर अपराध कारित होता है तो वह उक्त पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। साईबर क्राईम पर प्रकाश डालते हुए वाहेगुरू सिंह साईबर सेल इंचार्ज, पुलिस अधीक्षक कार्यालय हनुमानगढ़ द्वारा अवगत करवाया गया है कि जब किसी इलेक्ट्रोनिक डिवाईस द्वारा कोई अपराध किया जाता है तो उसे साईबर क्राईम की श्रेणी में रखा जाता है। वर्तमान में साईबर अपराध का क्षेत्र तथा उसके प्रकारों में वृद्धि हुई है जिनमें से कुछ मुख्य साईबर अपराध यथा फाईनेंसियल फ्रोड जिसमें तीसरी पार्टी एल्पीकेशन के माध्यम से कॉल की जाती है तथा ओटीपी पूछकर फ्रॉड कर देते है। इसके अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को कॉल फ्रॉड कहते है कि उन्हें कुछ दिनों का टूर मिला है और आपके मोबाईल पर 06 डिजिट का कोड आया है वह कोड फ्रॉड को बताते ही सम्बन्धित व्यक्ति के खाते से रूपये निकल जाते है। सिम स्वेपिंग फ्रॉड जिसके तहत किसी भी व्यक्ति की डुप्लीकेट सिम जारी करवाकर उस नम्बर का दुरूपयोग कर फ्रॉड किया जाता है। फेक जॉब फ्रॉड इस प्रकार के फ्रॉड में एक कॉल आता है जो कि एक अच्छी जॉब का ऑफर करता है तथा एक लिंक भेजता है जिस लिंक पर क्लिक करने से व्यक्ति को धोखा हो जाता है। इसी प्रकार बिजली का बिल पेंडिग है तथा भरने पर आकर्षक छूट हेतु फोन आता है एवं भुगतान करने हेतु कहा जाता है एवं ओटीपी बताने पर धोखा हो जाता है। इसी प्रकार अन्य प्रकार के ऑनलाईन धोखे जैसे वेक्सीनेशन के नाम से साईबर फ्रॉड, फोन को हैक कर फ्रॉड, झूठी व्हाटसअप कॉल के माध्यम से फ्रॉड, साईबर स्टॉकिंग, सेक्स टॉरशन फ्रॉड, फेस बुक आईडी, इन्स्टाग्राम आईडी हैक कर फ्रॉड करना, अकांउट टेक ऑवर, कॉल स्कूपिंग, व्हाटअप आदि फ्रॉड के बारे में बताया गया। आईडी हैक कर फ्रॉड करने के अन्तर्गत किसी भी व्यक्ति की फेसबुक, इन्स्टाग्राम आदि आडी देखकर उससे मिलती जुलती नई आईडी हैकर द्वारा बना ली जाती है तथा जिसके नाम से आईडी बनाई गई है उसके सभी दोस्तों को उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी जाती है एवं बाद में जिसके नाम की आईड हैक हुई है उसके नाम से उसके दोस्तों से रूपयों की मांग की जाती है। इस प्रकार आजकल कई प्रकार के साईबर क्राईम प्रचलित है जिनसे बचने की आवश्यकता आमजन को है। डॉ. केन्द्र प्रताप साईबर एक्सपर्ट, डीओआईटी हनुमानगढ़ द्वारा अवगत करवाया गया कि वर्तमान में सोशल मिडिया का बढ़ता प्रचलन विद्यार्थी जीवन पर काफी प्रभाव डालता है। ऐसे में हमें सावधानी बरतने की आवश्यकता है और अपनी निजी जानकारी किसी भी अपरिचित के साथ सांझा नहीं करनी है तथा दुर्घटना होने पर घबराए नहीं और मजबूती के साथ अपने परिवार बड़ों के साथ सांझा करें तथा उसकी शिकायत नजदीकी पुलिस विभाग में देवें और इस अभियान के माध्यम से जिले को साईबर अपराध मुक्त बनाने के लिए अपील की तथा बताया कि वर्तमान में हैस टेग के माध्यम से अपने-अपने सोशल मिडिया अकांउट पर बताई गई जानकारी को प्रसारित करें ताकि और अधिक आमजन जागरूक हो सके। यदि आपके साथ कोई फ्रॉड होता है तो आप साईबर क्राईम सैल के हैल्पलाईन नं. 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं पुलिस विभाग के माध्यम से एक हैस टेग संचालित किया जा रहा है।

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