हनुमानगढ़ में भारत क्लब लगाएगा 2 हजार नीम के पौधे, समिति ने मार्ग का नाम मां भद्रकाली नीम कोरिडोर करवाने की मांग।

हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति  व हनुमानगढ़ सेवा समिति भारत क्लब हनुमानगढ़ टाउन ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर भद्रकाली मंदिर की मेन सड़क जो 82.50 फीट की है उस पर 2000 नीम के पौधे लगाने का  प्रण लिया है। इसलिए मार्ग का नाम मां भद्रकाली नीम कोरिडोर करवाने की मांग की है । इस मौके पर भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह खुड़ी ने बताया कि जून माह में हनुमानगढ़ प्रशासन द्वारा हनुमानगढ़ टाउन से भद्रकाली मंदिर जाने वाली सड़क को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया था। जिससे सड़क की चौड़ाई अब काफी हो गई है। इस सड़क पर प्रत्येक मुरब्बे में बीघा पर पत्थर गड़ी करवाई जाए। क्योंकि हमारी संस्था भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति,हनुमानगढ़ सेवा समिति ( भारत क्लब )व हनुमानगढ़ की अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस सड़क के दोनों तरफ लगभग 2000 नीम के छायादार पौधे लगाया जाना है। जिसकी सार संभाल के समस्त जिम्मेवारी भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति व हनुमानगढ़ सेवा समिति भारत क्लब की होगी । इससे मंदिर जाने वाले पैदल यात्रियों को ठंडी छाया, शुद्व हवा मिलेगी तथा प्राकृतिक स्वच्छ रहेगी । वृक्षारोपण से इस ऐतिहासिक मंदिर जाने वाली सड़क का सौंदर्यकरण में चार चांद लग जाएंगे।इसलिये पत्थर गढ़ी करवाकर इस पावन कार्य में हमारा सहयोग करें। इस मौके पर सुनील धुडीया, सुरेंद्र सिंह, सुशील जैन, रोहित स्वामी सरपंच अमरपुरा थेहड़ी आदि मौजूद थे । 
धान की सरकारी खरीद प्रारम्भ करने कि मांग।
इसके साथ ही भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति ने धान की सरकारी खरीद प्रारम्भ करने के लिए कहा। क्योंकि पी आर धान मंडी में आने लग गया है जो कि एमएसपी से 150 से 200 रुपये नीचे बिक रहा है। जिससे किसान को आर्थिक नुकसान हो रहा है। अगले हफ्ते से मंडी में धान की अच्छी खासी आवाक आरम्भ हो जाएगी । इसलिए आपसे अनुरोध है कि धान की सरकारी खरीद हमारे पड़ोसी राज्य पंजाब हरियाणा की तर्ज पर करवाई जाए। देरी से खरीद आरंभ होने से सरकार की धान खरीद का लक्ष्य पूर्ण नही हो सके और धान की पराली जलाने की समस्या से निजात दिलाने के लिए कृषि यंत्रों की खरीद पर केंद्र सरकार की योजना को राजस्थान राज्य में भी आरंभ करवाने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को अनुशंसा करें, जिससे यहां के किसानों को भी पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश आदि राज्यों के किसानों को धान की पराली की समस्या के निराकरण हेतु जो कृषि यंत्र खरीदे जाते हैं उन पर जो अनुदान देय है। उसी प्रकार यहां के किसानों को भी मुहिम कराया जावे । धान की पराली के अवशेष मिट्टी में मिलने से खेती में सुधार होगा । दूसरी और पराली की गांठे बनाने से गौशालाओं के लिए सस्ता चारा उपलब्ध होगा है, इससे किसानों को पराली जलाने से निजात मिलेगी वहीं पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होगा । हमारी संस्था लगातार इस समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार को अवगत करवा रही है । परंतु राज्य सरकार की तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दोनों समस्याओं का अविलंब निवारण कराने की अनुशंसा करें।

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