नाबालिग लड़कियों को महाराष्ट्र-गुजरात में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार।

सिरोही-गणपत सिंह मांडोली
आदिवासी क्षेत्र की नाबालिग लड़कियों को बहला फुसला कर ले जाकर आगे बेचने की वारदात का सिरोही जिले के पिंडवाड़ा डिप्टी जेठूसिंह करणोत की टीम ने खुलासा करते हुए एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया हैं। आपको बता दें, कि आदिवासी क्षेत्र के पिंडवाड़ा पुलिस थाना में दर्ज हुए दो अलग अलग मुकदमों की जाँच स्वयं डिप्टी जेठूसिंह ने आपने हाथ में लेकर जब मामले का अनुसंधान किया तो बड़ा चौकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों के चुंगल से भागकर आई एक नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गुजरात की एक गैंग हैं जो आदिवासी क्षेत्र के अलग अलग गाँवो से नाबालिग लड़कियों को बहला फुसला कर ले जाते हैं, जिन्हें एक काल कोठरी में बंद करके रखा जाता हैं, उसके बाद इन नाबालिग लड़कियों को दलालो के माध्यम से अलग अलग लोगों को बेच दिया जाता हैं। लड़कियों के खरीददार मिलने में देरी होने पर गिरोह के लोग इन नाबालिग लड़कियों के साथ हर रोज दुष्कर्म भी करते रहते हैं। जब डिप्टी जेठूसिंह को इतनी जानकारी उपलब्ध हुई तो उन्होंने अपनी टीम के साथ गिरोह के सदस्यों के ठिकानो पर दबिश देकर गिरोह के पांचो सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों में एक महिला भी शामिल हैं जो खुद इस आदिवासी क्षेत्र की रहने वाली हैं, और वो अपने पति के साथ मिलकर इस रैकेट को चला रही थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वनराज, उसकी पत्नी दिवाली, रमीबेन, दलपत और नागजी हैं। नागजी ही इस पूरे रैकेट का मास्टर माइंड हैं। जिसका ना तो कोई फोटो था, ना ही किसी को उसके ठिकाने की जानकारी थी। पर डिप्टी जेठूसिंह करणोत ने घटनाओं की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए नागजी को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं।

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