असमाजिक तत्वों ने डीएम-एसपी की मौजूदगी में करौली ASP की गाड़ी का शीशा तोड़ा, पुलिस बनी रही मूककदर्शक।

सवाई माधोपुर-हेमेन्द्र शर्मा।
सवाई माधोपुर जिले में पुलिस प्रशासन की उदासीनता का आलम ये है कि अब असामाजिक तत्व आम आदमी के लिए ही नही अपितु पुलिस के लिए भी चुनौती बनते जा रहे हैं। ताजा मामला सवाई माधोपुर जिले के गंगापुरसिटी कस्बे का है। जहाँ अनंत चतुर्दशी के मौके पर हिन्दू संघठनो द्वारा निकाली गई गणेश विसर्जन शोभायात्रा के दौरान पुलिस एव प्रशासन की भारी मौजूदगी के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस बंदोबस्त में तैनात एएसपी की गाड़ी का पत्थर मारकर शीशा तोड़ दिया गया । असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी कर एएसपी की गाड़ी का शीशा तोड़ने के मामले को लेकर पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और दोषी को गिरफ्तार कर सख्त कार्यवाही करने की मांग की। गौरतलब है कि गणेश विसर्जन शोभायात्रा के दौरान पुलिस व्यवस्था को लेकर सुरक्षा के मध्यनजर करौली एएसपी की ड्यूटी लगाई गई गई। इसी दौरान जब यात्रा कैलाश टाकीज से ट्रक यूनियन की ओर बढ़ी, तभी पीछे से असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थर फेंका गया, जिसमे करौली एएसपी की गाड़ी का शीशा टूट गया । जबकि शोभायात्रा के दौरान जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में पुलिस एंव प्रशासन के अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल तैनात था। बावजूद इसके असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थर मारकर एएसपी की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया । भाजपाइयों ने घटना की कड़ी निंदा की है । भाजपाइयों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि शोभायात्रा के दौरान इस तरह की घटना होने से दंगा भड़कने जैसी स्थति बन सकती थी ओर कस्बे का सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता था। भाजपाइयों ने ज्ञापन के माध्यम से पत्थर फेंकने वाले असामाजिक तत्वो पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है । वही घटना को लेकर गंगापुरसिटी कोतवाली थाना पुलिस द्वारा अज्ञात असामाजिक तत्व के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है । बड़ी बात ये है कि शोभायात्रा के दौरान जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला एंव पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एंव पुलिस जवान तैनात थे। बावजूद उसके इस तरह की घटना होना पुलिस एंव प्रशासन की लापरवाही उजागर करता है। अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा अज्ञात असामाजिक तत्वों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।

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