आवासन मण्डल ने साकार किया सीएम गहलोत का शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजना का संकल्प।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शान्ति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान आवासन मण्डल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विजन एवं संकल्प को साकार करने की दिशा में लगातार मजबूती से कदम आगे बढा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं प्रहरी समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं। इन दोनों वर्गाें को रियायती दरों पर आवास सुविधा प्रदान करने के मुख्यमंत्री के सपने को मण्डल ने कोविड महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद मात्र दो साल के रिकॉर्ड समय में पूरा किया है। यह दर्शाता है कि आवासन आयुक्त पवन अरोडा के नेतृत्व में आवासन मण्डल की टीम किस मेहनत और लगन के साथ काम कर रही है। धारीवाल प्रताप नगर के सेक्टर-26 में मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवासीय योजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री धारीवाल, शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला, गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव, विधायक गंगा देवी, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास कुंजीलाल मीणा एवं आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने 8 आवंटी शिक्षकों एवं 6 प्रहरियों को फ्लैट की चाबी एवं कब्जा पत्र प्रदान किये। 
मात्र 15 लाख 70 हजार रूपये में सुविधायुक्त फ्लैट।
सभी अतिथियों ने योजना परिसर तथा इसमें निर्मित फ्लैट्स, स्वीमिंग पूल, बास्केटबॉल कोर्ट, ओपन जिम एवं अन्य सुविधाओं को देखा और इनकी खुले दिल से सराहना की। सभी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मात्र 15 लाख 70 हजार रूपये की कीमत में मण्डल ने इतने सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराए हैं।
कोरोना की विषम परिस्थितियों में भी रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ प्रोजेक्ट।
नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि युवा पीढी को राष्ट्र निर्माण के लिये तैयार करने वाले शिक्षकों तथा कानून का इकबाल कायम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस जवानों के लिए इस आवासीय योजना की घोषणा मुख्यमंत्री गहलोत ने 20 दिसम्बर 2019 को की थी। दुर्भाग्य से इसके तीन माह बाद ही कोरोना ने दस्तक दे दी और लॉकडाउन के कारण पूरी दुनिया में आर्थिक एवं विकास की गतिविधियां ठहर गईं थी। आवागमन के साधन बंद थे। साइट पर काम करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे थे। इन कठिन और मुश्किल हालातों में भी आवेदन आमंत्रित करने और टेंडर प्रक्रिया फाइनल करने से जुड़े सभी जरूरी काम मात्र 5 माह की अल्पावधि में ही पूर्ण कर लिए गए और 27 मई 2020 को योजना का मैंने शिलान्यास किया। धारीवाल ने कहा कि इसी दौरान कोरोना के दूसरे लॉकडाउन के कारण एक साल तक सभी आर्थिक एवं निर्माण गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित रहीं। इसके बावजूद इस प्रोजेक्ट में ग्राउंड लेवल पर लगातार काम जारी रहा और आज नतीजा सबके सामने है। बमुश्किल दो साल बाद ही तयशुदा समय पर 2बीएचके के कुल 576 फ्लैट निर्मित कर लिए गए हैं। यह सब आवासन मण्डल के कार्मिकों की कार्यप्रणाली में आए सुखद बदलाव और प्रोफेशनल एप्रोच के कारण संभव हुआ। नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मात्र 15 लाख 70 हजार रूपए की रियायती दर पर यह फ्लैट आवंटित किए गए हैं। इस तरह की सुविधाएं इस रेट में प्राइवेट बिल्डर्स भी उपलब्ध नहीं करा पाते। इन सुविधाओं के साथ इस श्रेणी के फ्लैट का बाजार मूल्य 25 से 26 लाख रूपए है। मुख्यमंत्री द्वारा सौंपे दायित्व को आवासन आयुक्त ने बखूबी अंजाम दिया। धारीवाल ने कहा कि हमारी सरकार को आवासन मण्डल किन हालातों में मिला। कई मौकों पर इसके बारे में मैंने विस्तार से चर्चा की है। हमें यह जर्जर और खस्ताहाल हालत में मिला था। मकान बिक नहीं रहे थे, खजाना खाली हो चुका था। ऐसे में आवासन मण्डल को पुर्नजीवित करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री गहलोत ने पहली कैबिनेट बैठक में मुझसे कहा कि क्या हम आवासन मंडल को रिवाईव कर सकते  हैं ? इस पर मैंने कहा कि क्यों नहीं। बस मुझे योग्य एवं कार्यकुशल अधिकारी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने पवन अरोड़ा को आवासन मण्डल का दायित्व सौंपा और अरोडा ने यह काम बखूबी कर दिखाया है। आज आवासन मण्डल अपनी रिवायवल की स्टेज से भी ऊपर पहुंच चुका है। जिस आवासन मण्डल के मकानों को लोग लेने के लिये तैयार नहीं होते थे आज उनके लिये लोगों में होड मची है। मण्डल कोचिंग हब, जयपुर चौपाटी, विधायक आवास, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, एआईएस रेजीडेंसी जैसे लीक से हटकर प्रोजेक्टों पर काम कर रहा है। उन्होंने मानसरोवर में हाल ही में 488 करोड रूपये में व्यावसायिक भूखण्ड की नीलामी, कोचिंग हब ऑर्केड के शोरूम्स के सफल ई-ऑक्शन, 1500 करोड रूपये की सम्पत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने जैसी सफलताओं की भी सराहना की।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला ने कहा कि आवासन मण्डल ने जिस समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ फ्लैट्स का निर्माण कर शिक्षकों और प्रहरियों को लाभान्वित किया है, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने इसके लिये आवासन आयुक्त की सराहना की। गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव ने प्रदेश के अन्य शहरों में भी विशिष्ट वर्गों की आवास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये इस तरह की आवासीय योजनाएं लाने पर जोर दिया। बगरू विधायक गंगा देवी ने भी आवासन मण्डल की भूमिका को सराहा।
बड़े प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना टीम आरएचबी की बड़ी सफलता।
इससे पहले आवासन आयुक्त पवन अरोडा ने रिकॉर्ड समय पर पूरे हुए इस प्रोजेक्ट की सफलता का श्रेय मण्डल की टीम को दिया। उन्होेंने कहा कि कोरोना के बाद की परिस्थितियों में राज्य में निजी बिल्डर्स भी अपने बडे हाउसिंग प्रोजेक्टों को समय पर पूरा नहीं कर पा रहे है। ऐसे में 576 फ्लैट्स के इस बडे प्रोजेक्ट का समयबद्ध रूप से पूरा होना निश्चय ही आवासन मण्डल की बडी सफलता है। आवासन आयुक्त ने बताया कि योजना में पर्याप्त बेसमेंट पार्किंग, स्वीमिंग पूल विद चेंजिंग रूम, सभी 6 ब्लॉक में भरपूर ग्रीन एरिया, शानदार सिंथेटिक बास्केटबाल कोर्ट, सीसीटीवी विद सर्विलांस, आकर्षक एंट्री गेट, बीसलपुर पानी की आपूर्ति, पावर सप्लाई के लिए डेडीकेटेड फीडर, पावर बैकअप के लिए डीजी सैट, प्रत्येक ब्लॉक में दो लिफ्ट (एक स्ट्रेचर लिफ्ट), प्रत्येक टॉवर में विजिटर लाउंज, बर्थडे पार्टी, किटी पार्टी व सामाजिक आयोजन के लिए प्रत्येक टॉवर में पर्याप्त कम्यूनिटी स्पेसिंग, प्रोजेक्ट एरिया से बमुश्किल 300 मीटर की दूरी पर सेक्टर 26 का नव विकसित बड़ा कम्यूनिटी सेंटर कम बैंक्वेट हॉल जो शादी समारोह एवं अन्य आयोजनों की जरूरतों को पूरा करेगा एवं ओपन जिम जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक फ्लैट में 2 बैडरूम, एक लिविंग रूम, एक किचन तथा 2 टॉयलेट्स का निर्माण किया गया है। आवासन आयुक्त ने इस मौके पर फ्लैट का मालिकाना हक लेने वाले आवंटियों से आव्हान किया कि जो सुविधाएं मण्डल ने उन्हें उपलब्ध करवाई है। सभी उन्हें बनाये रखने में सहयोग करते हुए कम्यूनिटी लिविंग का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि शेष आवंटियों को योजना परिसर में हैल्प डेस्क स्थापित कर शीघ्र ही फ्लैट की चाबी और कब्जा पत्र सौंपे जाएंगे। लोकार्पण से पूर्व नगरीय विकास मंत्री, शिक्षा मंत्री, गृह राज्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने इस आवासीय योजना के समीप ही आवासन मण्डल द्वारा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नवनिर्मित सामुदायिक भवन का अवलोकन भी किया। सभी अतिथि यहां से एक साथ बस में सवार होकर योजना स्थल पहुंचे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack