अगर राहुल गांधी नहीं माने तो राजस्थान को मिल सकता है राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष का तोहफा-डोटासरा।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा है कि हम सबकी ईच्छा है कि राहुल गांधी पार्टी की कमान संभाले। राहुल अगर ना माने तो राजस्थान को इस पद का तोहफा मिल सकता है।बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ओबीसी विभाग के सम्मेलन में बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि हम सब चाहते हैं कि राहुल गांधी पार्टी की कमान संभाले। राहुल अगर ये जिम्मेदारी नहीं संभालते हैं तो राजस्थान को इस पद का तोहफा मिल सकता है। अगर राजस्थान को यह जिम्मेदारी मिलती है तो हम सबकी जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। हमें 2023 और 2024 में दोगुने जोश से काम करना होगा।डोटासरा ने कहा कि देश -प्रदेश में ओबीसी वर्ग ने शुरू से ही अपनी भूमिका निभाई है। सीएम अशोक गहलोत खुद ओबीसी से हैं और इस वर्ग के लिए खूब काम किया है।राजनीतिक नियुक्तियों में भी ओबीसी समाज के लोगों को बार बार मौका दिया है। मेरे जैसा साधारण कार्यकर्ता इसका उदाहरण है। भाजपा के लोग तो ओबीसी और एससी एसटी का आरक्षण ही खत्म करना चाहते हैं। इस वर्ग की ताकत देखकर उनकी आरक्षण समाप्त करने की हिम्मत नहीं हो रही। आरएसएस के मोहन भागवत भी इस बारे में अपनी मंशा जता चुके हैं। देश मे लोगों ने मोदी को ओबीसी वर्ग से जिताकर भेजा, लेकिन उन्होंने 8 साल में ओबीसी के लिए कोई निर्णय नहीं लेकर निराश किया। कांग्रेस और ओबीसी का डीएनए एक
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस और ओबीसी के डीएनए एक है। ओबीसी वर्ग के किसानों का हमारी सरकार ने कर्जा माफ किया। किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई। ओबीसी वर्ग के लोगों की मेहनत का कांग्रेस हमेशा फल देती है,पार्टी में इसके कई उदाहरण हैं। सत्ता और संगठन ओबीसी वर्ग का विशेष ख्याल रखेंगे। ओबीसी वर्ग की किसी भी समस्या का हल निकालने के लिए पार्टी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। ओबीसी वर्ग भी हमारी मदद करेगा तो कांग्रेस सरकार रिपीट होगी। उसके बाद हम ओबीसी वर्ग के लिए दुगुने काम करेंगे। 
देश में चल रहा विभाजन का माहौल।
डोटासरा ने कहा कि भाजपा केवल देश को बांटने का काम करती है। हाल ही में जब गृह मंत्री अमित शाह जोधपुर ओबीसी सम्मेलन में आए तो ओबीसी वर्ग के नेताओं को मंच पर जगह देने की जगह एक किमी दूर खड़ा किया। खुद के पास अपने मित्र गजेंद्र शेखावत को खड़ा किया। ये लोग ओबीसी को मजबूत नहीं कर सकते। इससे इनकी ओबीसी के प्रति सोच का खुलासा हो गया। भाजपा कभी ओबीसी की पक्षधर नहीं रही। किसानों के लिए 3 काले कानून लाने वालों से किसान कुछ उम्मीद भी नहीं कर सकता। मोदी भी ओबीसी वर्ग से जीतकर आए लेकिन जब हम इनके 8 साल और मनमोहन सरकार के 10 साल की तुलना करें तो पता चलता है कि इन्होंने कभी ओबीसी के हित मे निर्णय नहीं लिए। अब 2 साल से ईडी, सीआईडी, इनकम टैक्स के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने में लगे हुए हैं। ओबीसी के लिए कांग्रेस और भाजपा की सोच में अंतर को लोग समझते हैं। सबसे पहले कांग्रेस पुलिस विभाग में अर्चना यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस ओबीसी विभाग का यह पहला सम्मेलन था जिसमें निवर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी, निवर्तमान जिलाध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए। जल्द ही कांग्रेस ओबीसी विभाग की कार्यकारिणी, जिलाध्यक्षों की घोषणा की जाएगी।

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