होटल कारोबारी का आरोप, रतन देवासी से अब जान-माल का खतरा।

सिरोही ब्यूरो रिपोर्ट।
माउंट आबू में होटल का कारोबार कर रही पीड़ित महिला ने अब पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन भेजकर पूर्व मुख्य सचेतक रतन देवासी से खुद को जान-माल का खतरा बताया है।पीडिता ने ज्ञापन में पुलिस पर भी उच्च दवाब में काम करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की ओर से पुलिस महानिदेशक को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उसने रतन देवासी पुत्र शंकरलाल देवासी निवासी माण्डोली, जिला जालोर हाल निवासी वंदेमातरम होटल पोलो ग्राउण्ड के पास आबूपर्वत जिला सिरोही के खिलाफ 22 अगस्त को पुलिस थाना माउन्ट आबू में और पुलिस अधीक्षक सिरोही के समक्ष रिपोर्ट दी थी। रतन देवासी भूतपूर्व विधायक हैं और विधानसभा में किसी बडे पद पर रह चुका हैं और कांग्रेस पार्टी का बडा प्रभावशाली राजनेता हैं, इस कारण उसके राजनीतिक रसूखात व प्रभाव के कारण स्थानीय पुलिस ने उसके खिलाफ ना तो मुकदमा दर्ज किया था और ना ही कोई कार्यवाही की। जब उसने जयपुर में प्रेस वार्ता कर उसके अवैध व आपराधिक कृत्यों व उसके दुराशय की जानकारी दी। फिर भी उसके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई और उल्टा परिवादीं को अप्रत्यक्ष रूप से डराया-धमकाया जाने लगा। तब उसने न्यायालय में परिवाद पेश किया, जिस पर न्यायालय ने दो सितम्बर 2022 को पुलिस थाना माउन्ट आबू को प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने परिवाद दर्ज किया। दूसरे दिन सुबह उसे पता चला कि माउन्ट आबू पुलिस ने उसी रात को 11.49 पीएम पर अभियुक्त रतन देवासी की ओर से दी गई रिपोर्ट पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। माउन्ट आबू पुलिस के उपरोक्त आचरण से स्पष्ट तौर पर साबित होता हैं कि स्थानीय पुलिस अभियुक्त व्यक्ति रतन देवासी के राजनीतिक पहुंच व रसूखात के दबाव में काम कर रही हैं। जिस समय पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया हैं उस समय या उससे पहले उक्त व्यक्ति रतन देवासी पुलिस थाने में मौजूद ही नहीं था। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि माउन्ट आबू पुलिस थाने व सिरोही की पुलिस उक्त प्रभावशाली व्यक्ति के पूर्ण दबाव में उसके इशारे पर कार्य कर रही हैं। इस कारण उक्त प्रकरण का न्यायसंगत व निष्पक्ष अनुसंधान स्थानीय पुलिस से करने की उम्मीद करना भी बेमानी हैं। अभियुक्त प्रभावशाली, राजनीतिक रसूखात वाला व धनबल तथा बाहुबल से संपन्न व्यक्ति हैं। वह अपनी अनुचित व अवैध मांगें मनवाने के लिए अपनी हैसियत के आधार पर मेरे व मेरे पति तथा बच्चों पर जानलेवा हमला करवाकर हमारे जानमाल को भी क्षति कारित करवा सकता हैं। ज्ञापन में पुलिस थाना माउन्ट आबू की एफआईआर संख्या 98/2022 व 99/2022 का निष्पक्ष व न्यायसंगत अनुसंधान जोधपुर जिले के किसी उप पुलिस अधीक्षक या उससे उच्च रेंक के अधिकारी से कराने व परिवार के सदस्यों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने की मांग की गई।

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