राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक से प्रदेश में तैयार हो रही नयी खेल संस्कृति-सीएम गहलोत।

बूंदी-हंसपाल यादव।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में आयोजित हो रहे राजीव गांधी ग्रामीण ओलपिंक अपने आप में एक अनूठी पहल है। इससे प्रदेश की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मंच मिला है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि ओलम्पिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ खेलों जैसी अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पद्र्धाओं में देश के खिलाड़ी बड़ी संख्या में मेडल लेकर आएं। प्रदेश के खिलाडिय़ों की प्रतिभा को तराशने तथा उनको राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पद्र्धाओं के लिए तैयार करने में राज्य सरकार की यह पहल बड़ी भूमिका निभाएगी। गहलोत बूंदी के नैनवां में राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक के ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक के माध्यम से उनकी खोज की जा रही है तथा इसके बाद उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाडियों को अच्छे कोच और मैदान उपलब्ध करवाए जाएंगे। राज्य सरकार हर पंचायत में खेल मैदान एवं हर जिले में सुविधायुक्त स्टेडियम उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है। खेलों के क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाना राज्य सरकार का ध्येय है। राजीव गांधी ग्रामीण ओलपिंक खेलों से तैयार हुए खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल से भविष्य में सुखद परिणाम आएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण ओलम्पिक में 30 लाख खिलाडिय़ों ने भाग लिया है तथा 2 लाख से अधिक टीमें बनी है। इनमें 10 लाख महिलाएं भी शामिल है, जो कि अपने आप में ऐतिहासिक है। 
राज्य सरकार खेल व खिलाड़ियों के हित में कर रही काम।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने खेल एवं खिलाडिय़ों के हित में लगातार निर्णय लिए हैं। सरकारी नौकरियों में खिलाडिय़ों को 2 प्रतिशत आरक्षण, 229 प्रतिभावान खिलाडिय़ों को आउट आफ र्टन नौकरी देने के साथ ही कोच और खिलाडिय़ों के लिए पेंशन का भी प्रावधान कर दिया हैं। राज्य सरकार ने अन्तर्राष्ट्रीय पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों की पुरस्कार राशि को बढ़ाकर 3 करोड़ रूपए तक कर दिया है। ग्रामीण ओलम्पिक खेलों में बड़ी संख्या में सभी आयुवर्ग, सम्प्रदायों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि खेल में भाग लेने से प्रतिभागियों में अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता, दूरदर्शिता के साथ आपसी भाईचारे की भावना का विकास होता है। 
1.33 करोड़ महिलाओं को नि:शुल्क स्मार्टफोन और इंटरनेट सेवाएं।
गहलोत ने कहा कि जल्द ही राज्य सरकार द्वारा 1.33 करोड़ परिवारों की महिला मुखियाओं को नि:शुल्क स्मार्ट फोन और तीन साल की इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे परिवार की महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त हो सकेगी। स्मार्ट फोन के माध्यम सेे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे।
वंचित तबके को मिल रही सामाजिक सुरक्षा।
गहलोत ने कहा कि मंहगाई के इस दौर में जनकेंद्रित नीतियां बनाकर आमजन को अधिक से अधिक राहत प्रदान करना एक संवेदनशील और जवाबदेही सरकार का कर्तव्य है। निशुल्क उपचार, गरीब विद्यार्थियों हेतु नि:शुल्क अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा, बिजली बिलों में छूट, प्रदेश में बुजुर्ग, विधवाओं और विशेष योग्यजनों सहित 1 करोड लोगों को पेंशन देकर राज्य सरकार द्वारा सभी पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर तबके की खुशहाली एवं उन्नति सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की गई। साथ ही राज्य के कर्मचारी वर्ग के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में आरजीएचएस स्कीम भी राज्य सरकार द्वारा लाई गई।
ईआरसीपी को मिले राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 13 जिलों में आमजन और किसानों के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस योजना से राजस्थान के एक बड़े क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। केंद्र सरकार को जल्द से जल्द ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करनी चाहिए। प्रधानमंत्री स्वयं अपनी सभाओं में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का समर्थन कर चुके हैं। अनावश्यक देरी से परियोजना की लागत बढ़ेगी व प्रदेशवासी परियोजना के लाभ से वंचित होंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य के कई जिलों में अतिवृष्टि से किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों में गिरदावरी का कार्य करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में आमजन के हितों को केंद्र में रखकर निर्णय ले रही है। किसानों के लिए अलग से कृषि बजट लाने वाला राजस्थान एक मात्र राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान मित्र ऊर्जा योजना के माध्यम से लाखों किसानों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इसी प्रकार 50 यूनिट नि:शुल्क किए जाने के फैसले से करीब 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो हो गया है। 
बूंदी के नैनवां में बनेगी कृषि गौण मंडी।
मुख्यमंत्री ने बूंदी के देई अस्पताल में बेडों की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने नैनवां में कृषि गौण मण्डी के लिए 50 बीघा भूमि के आवंटन का की भी घोषणा की। खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सभी वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए शानदार फैसले लिए हैं। राज्य सरकार ने हिण्डोली-नैनवां क्षेत्र के चहुमुंखी विकास में कोई कमी नहीं रखी है। देश में राजस्थान का खेल मॉडल आज चर्चा का विषय है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरिवास ने कहा कि राज्य में आयोजित ग्रामीण ओलपिंक में सभी जाति, धर्म, सम्प्रदाय के लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।  कार्यक्रम में जिला प्रमुख चन्द्रावती कंवर, पूर्व वित्त राज्यमंत्री हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक सीएल प्रेमी, पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत, आईजी कोटा प्रसन्न कुमार खमेसरा, जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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