मरीज का नहीं था चिरंजीवी योजना में पंजीयन, जिला कलक्टर ने तत्काल अप्रूवल देकर दिलाया निजी चिकित्सालय में इलाज।

भीलवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाऐं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत भीलवाड़ा जिले में ग्राम धोली निवासी तेजू गुर्जर की रूकती सांसों को नया जीवन मिला है। जिला कलक्टर आशीष मोदी के प्रयासों से तेजू गुर्जर को श्री सिद्धि विनायक हॉस्पीटल में 1.30 लाख रूपयों की लागत वाली एंजियोप्लास्टी का लाभ निःशुल्क दिया गया, जबकि तेजू गुर्जर योजना में पंजीकृत नहीं था।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान के अनुसार धोली निवासी तेजू गुर्जर के सीने में तेज दर्द उठा तो परिजन 26 अगस्त को उन्हें श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल लेकर आये। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील कुमार मित्तल द्वारा मरीज को भर्ती कर उसकी जांच की गई और पाया कि मरीज को गंभीर दिल का दौरा पड़ा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुष्यंत कुमार शर्मा ने इसके लिए समय रहते मरीज की एंजियोप्लास्टी करने की सलाह दी, अन्यथा मरीज की मृत्यु भी हो सकती थी। अस्पताल द्वारा एंजियोप्लास्टी का खर्चा लगभग 1.30 लाख रुपये बताया गया। मरीज के जन आधार कार्ड से पता चला कि तेजू का चिरंजीवी योजना में पंजीयन नहीं है। तेजू की आर्थिक स्थिति ते चलते परिजन इलाज का खर्चा उठाने में असमर्थ थे। इस पर अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सरकारी अस्पताल में रेफर करने की बात कही। परिजनों ने जिला कार्यक्रम समन्वयक, चिरंजीवी योजना, तुषार भटनागर से ऑफिस पहुंच कर सम्पर्क किया। मरीज की दयनीय स्थिति को देखकर इलाज के लिए अस्पताल प्रशासन को जिला कलेक्टर पोर्टल पर अप्रूवल लेकर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए कहा। यह प्रक्रिया जब अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई तो जिला कलक्टर ने तुरंत संज्ञान लेकर मरीज की आर्थिक परिस्थिति को समझकर चिरंजीवी योजना में शीघ्र उपचार उपलब्ध करवाने हेतु अस्पताल को अप्रूवल भेजा। अस्पताल द्वारा बिना कोई देरी किये मरीज के हृदय में छल्ले डालकर एंजियोप्लास्टी पूर्णतया निःशुल्क की गई और सभी प्रकार की जांचे व उपचार का लाभ जिला कलेक्टर के भागीरथी प्रयासों से चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में किया गया। उल्लेखनीय है कि योजना के लाभ से कोई भी असहाय या निराश्रित परिवार वंचित ना रह जाये, यह सुनिश्चित करने के लिए जिला कलक्टर को अधिकृत किया गया है, जिसके तहत जिला कलक्टर किसी व्यक्ति का चिरंजीवी कार्ड ना होने पर भी उसका निःशुल्क उपचार करने के लिए संबंधित चिकित्सालय को आदेशित कर सकते हैं। निश्चय हीं राज्य सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना ने तेजू गुर्जर की रूकती सांसों को नया जीवन दिया है। योजना में निजी अस्पताल में निःशुल्क एंजियोप्लास्टी की सुविधा प्राप्त होने से परिजन और संबंधी बेहद खुश थे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन और परिजनों ने राज्य सरकार की इस योजना की भूरी-भूरी प्रशंसा की और जिला कलक्टर को धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है कि योजनान्तर्गत जिले सरकारी और निजी चिकित्सालयों में प्रतिवर्ष 10 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर का लाभ योजना में लाभार्थी परिवार को दिया जा रहा है।

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