भोजन की गुणवत्ता का ध्यान रखें और प्रेमभाव के साथ खिलाएं खाना-मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया।

बांसवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि इन्दिरा रसोई में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और यहां आने वाले लोगों को पूरे प्रेमभाव के साथ खाना खिलाएं।बामनिया ने इन्दिरा रसोई योजना के तहत बांसवाड़ा नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 28 में सिन्टेक्स मिल के सामने नवीन इंदिरा रसोई के शुभारंभ मौके पर यह बात कही। राज्य मंत्री बामनिया, जिला कलक्टर प्रकाशचन्द्र शर्मा, नगर परिषद सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी एवं अन्य अतिथियों ने रसोई घर का अवलोकन किया और बनाये जा रहें भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने रसोई घर में बनाई गई दाल, चावल, मिठाई व अन्य सामग्री को देखा और उसकी गुणवत्ता को परखा। सभी अतिथियों ने रसोई घर में बने भोजन को बड़े चाव से खाया और संचालक से कहा कि आज जिस प्रकार सभी गुणवत्ता को ध्यान में रख कर भोजन बनाया है। इसी प्रकार आगे भी नियमित रूप से इसी प्रकार का भोजन बनाएं और आने वाले लोगों को प्रेम से भोजन कराएं। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखे। बामणिया ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि ‘‘कोई भूखा नहीं सोए’’। राज्य सरकार जनकल्याण व जनहित के किसी भी काम के लिए आर्थिक कमी नहीं आने देगी। इस क्षेत्र में रसोई घर संचालित होने से शहर में आने वाले जरुरतमंद लोगों को लाभ मिलेगा। 
बांसवाड़ा जिले में 7 नवीन रसोई घरों का शुभारंभ।
इंदिरा रसोई घर योजना के तहत बांसवाड़ा शहर में नई 5 एवं गढ़ी-परतापुर तथा कुशलगढ़ में एक-एक रसोईघर का शुभारंभ हुआ। जिले में अब कुल 12 रसोई घरों का संचालन किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने इंन्दिरा रसोई के संचालक वेलनेस फाउंडेशन को कहा कि वे खाने की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए हर जरुरतमंद व्यक्ति को सुव्यवस्थित ढंग के साथ खाना खिलाएं। 
घर जैसा स्वाद पाकर हुए खुश।
इन्दिरा रसोई घर में बने भोजन को लाभार्थियों ने खाया और कहने लगे कि शहर में इतने सस्ते दाम में घर जैसा स्वादिष्ट व सात्विक खाना खाकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। उन्होंने खुश होते हुए कहा कि इतना प्रेम व मनवार के साथ परोसे हुए खाने को खाकर आत्मा तृप्त हो गई। राज्य सरकार ने मात्र आठ रुपए में भरपेट भोजन देकर बहुत अच्छा एवं पुण्य का कार्य किया है। महिला लाभार्थियों ने बताया कि इतना सस्ता और पौष्टिक खाना तो कही मिल ही नहीं सकता है। इतना सस्ता तो घर पर भी नहीं बनता है।

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