पानी की गुणवत्ता जांच प्रशिक्षण कार्यशाला, जल गुणवत्ता जांच की विभिन्न तकनीक के बारे में दी जानकारी।

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत जयपुर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के आखिरी दिन रसायनज्ञों को लैब में इंटरनल ऑडिट एण्ड एनएबीएल एक्रेडिशन की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इस कार्यशाला में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में पानी की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी संभालने वाले 30 रसायनज्ञों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग एवं कैपेसिटी बिल्डिंग सेल के डायरेक्टर आलोक जैन एवं वॉटर क्वालिटी एक्सपर्ट नीरज कांत पाण्डे ने प्रतिभागियों को पानी की गुणवत्ता में सुधार तथा एनएबीएल प्रयोगशालाओं की महत्व की जानकारी दी। मुख्य रसायनज्ञ एच एस देवन्दा ने बताया कि दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यशाला में रसायनज्ञों को जल गुणवत्ता जांच की विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। समापन सत्र में यूनिसेफ के वॉश ऑफिसर नानक संतदासानी ने भी सम्बोधित किया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए 33 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं जो अंतर्राष्ट्रीय मानक पर एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच इन लैब के माध्यम से की जाती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ARwebTrack